उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें भारत माता का महान सपूत, प्रखर स्वतंत्रता सेनानी और दूरदर्शी राष्ट्रवादी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का उद्घोष किया था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर साकार किया।
डॉ. मुखर्जी को बताया राष्ट्रनायक
लखनऊ में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक शिक्षाविद या राजनेता नहीं थे, बल्कि देश की अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले राष्ट्रनायक थे। उन्होंने कहा कि मात्र 33 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बने डॉ. मुखर्जी ने शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान दिया।
बंगाल और देशहित के मुद्दों पर निभाई अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभाजन के समय जब पूरे बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने की कोशिश हो रही थी, तब डॉ. मुखर्जी उसके खिलाफ मजबूती से खड़े हुए। उन्होंने कहा कि आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है तो इसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति (खाद्य) मंत्री के रूप में भी डॉ. मुखर्जी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन देशहित के मुद्दों पर समझौता न करते हुए उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और बाद में भारतीय जनसंघ की स्थापना की।
अनुच्छेद 370 हटाने का भी किया जिक्र
सीएम योगी ने कहा कि कश्मीर की परमिट व्यवस्था और विशेष दर्जे के खिलाफ डॉ. मुखर्जी का आंदोलन देश की एकता का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाकर बाबा साहब के संविधान को जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह लागू किया और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अधूरे संकल्प को पूरा किया।
राष्ट्र की एकता के लिए प्रेरणास्रोत हैं डॉ. मुखर्जी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि देश की एकता से समझौता करने वालों को इतिहास ने हमेशा नकारा है, जबकि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले व्यक्तित्व सदैव प्रेरणा देते रहेंगे। उनके अनुसार डॉ. मुखर्जी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी राष्ट्रसेवा का मार्गदर्शक बना रहेगा। (इनपुट: आईएएनएस)


