देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ की तैयारी में एक और अहम कदम बढ़ाते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने अंतरिक्ष यात्रियों के लिए विशेष भोजन और पैराशूट सिस्टम विकसित किए हैं।
DRDO के इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार महानिदेशक डॉ. बी.के. दास ने बताया कि संगठन ने इन तकनीकों का सफल परीक्षण भी पूरा कर लिया है। “हमने मिशन के लिए विशेष फूड, पैराशूट सिस्टम और अन्य आवश्यक तकनीकें तैयार की हैं, जिन पर अंतरिक्ष यात्री भरोसा कर सकेंगे,” उन्होंने कहा।
उन्होंने बताया कि DRDO और ISRO के बीच कई स्तरों पर सहयोग जारी है। संगठन ने ऐसी कई तकनीकें विकसित की हैं जिनका उपयोग सशस्त्र बलों और अंतरिक्ष मिशनों — दोनों में किया जा सकता है।
दास ने कहा कि पहले और दूसरे चरण के परीक्षण प्रयोगशालाओं और बाहरी परिस्थितियों में किए गए हैं, जिनके परिणाम “बेहद संतोषजनक” रहे। उन्होंने कहा कि कुछ और कार्य शेष हैं, जो जल्द पूरे कर लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा, “गगनयान कार्यक्रम में DRDO की भूमिका महत्वपूर्ण है और हम ISRO के मिशनों में और अधिक योगदान देने को तैयार हैं।”
इस सप्ताह की शुरुआत में ISRO प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने बताया कि गगनयान मिशन के 85 से 90 प्रतिशत सबसिस्टम स्तर के कार्य पूरे हो चुके हैं। अब एकीकृत परीक्षण और सॉफ्टवेयर वेरिफिकेशन चल रहा है।
तीन बिना चालक दल (uncrewed) वाले मिशन पहले लॉन्च किए जाएंगे ताकि सुरक्षा और सिस्टम की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके। गगनयान का मानवयुक्त मिशन वर्ष 2027 में प्रस्तावित है।
-(इनपुटःएजेंसी)


