मणिपुर पुलिस ने अपने सभी कार्यालयों में e-Office सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य पुलिस विभाग में डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता, जवाबदेही और पेपरलेस कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पारंपरिक कागजी व्यवस्था की जगह अब डिजिटल और आधुनिक वर्कफ्लो अपनाया जाएगा, जिससे प्रशासनिक कामकाज अधिक तेज और प्रभावी होगा।
DGP ने किया प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन
मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (DGP) मुकेश सिंह ने इंफाल स्थित पुलिस मुख्यालय में दो दिवसीय e-Office प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि e-Office सिस्टम अपनाने से पुलिस विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी, प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी और विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
DGP ने अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी करने और नए डिजिटल सिस्टम को अच्छी तरह समझने की अपील की, ताकि इसे पूरे राज्य में सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।
आईटी विभाग के विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को e-Office सिस्टम की कार्यप्रणाली की जानकारी दे रहे हैं।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिकारी आगे चलकर मणिपुर पुलिस की सभी इकाइयों में इस डिजिटल प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करेंगे।
लोगों को भी मिलेगा फायदा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि e-Office सिस्टम लागू होने से न सिर्फ विभाग के कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि आम लोगों को भी पुलिस सेवाएं पहले से अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल तरीके से मिल सकेंगी।
E-Malkhana सिस्टम भी हुआ शुरू
हाल ही में मणिपुर पुलिस ने पहली बार E-Malkhana सिस्टम भी शुरू किया है। इसके तहत पुलिस थानों में जब्त सामान और केस से जुड़े सबूतों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।
इंफाल ईस्ट जिले के इरिलबुंग पुलिस स्टेशन में इस सिस्टम की शुरुआत की गई है।
बारकोड से होगी निगरानी
E-Malkhana सिस्टम के तहत हर जब्त सामान और केस से जुड़े सबूत को एक यूनिक बारकोड दिया जाएगा।
इस बारकोड में एफआईआर नंबर, संबंधित धाराएं, जांच अधिकारी का नाम, सामान का विवरण, फोटो, मौजूदा स्थिति और निस्तारण की जानकारी दर्ज रहेगी।
इससे जांच और अदालत में जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध कराया जा सकेगा।
बेहतर होगी साक्ष्यों की सुरक्षा
पुलिस के मुताबिक, डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली से सबूतों के खोने, दोबारा दर्ज होने या रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसी समस्याओं में कमी आएगी। इससे केस प्रॉपर्टी का सुरक्षित रखरखाव और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा।
मणिपुर पुलिस का मानना है कि e-Office और E-Malkhana जैसी डिजिटल पहल पुलिस प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
-(इनपुट: एजेंसी)


