देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में चुनाव आयोग (ECI) ने एक महीने के भीतर चुनाव प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर चुनाव आयोग ने देशभर की चुनाव मशीनरी को बूथ अधिकारी स्तर (BLO) तक सक्रिय कर दिया है। इसका उद्देश्य मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाना और मतदान केंद्रों पर उन्हें बेहतर अनुभव प्रदान करना है। ECI ने मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिहीन बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है।
चुनाव आयोग ने तीन महीने में वोटर लिस्ट से डुप्लीकेट नामों को हटाने का रखा लक्ष्य
देशभर में वोटर आईडी (EPIC) नंबर में मौजूद डुप्लीकेट नामों को हटाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसे तीन महीने में पूरा किया जाएगा। इसके लिए जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्राधिकरणों के साथ मिलकर मतदाता सूची को नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा। वहीं आयोग ने राजनीतिक दलों को स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में किसी भी नाम को जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया अपील के तहत तय की जाती है। इसके लिए राजनीतिक दलों को जनता प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार है। हालांकि, विशेष सारांश पुनरीक्षण (SSR) प्रक्रिया के बाद अब तक केवल 89 प्रथम अपील और 1 द्वितीय अपील ही दर्ज हुई है।
वहीं ECI ने चुनाव प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए देशभर में लगभग 5000 सर्वदलीय बैठकें आयोजित की हैं। ये बैठकें सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), 788 जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और 4123 निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (ERO) के स्तर पर हो रही हैं। इससे राजनीतिक दलों की शिकायतों और सुझावों को जमीनी स्तर पर ही सुलझाने में मदद मिलेगी। चुनाव प्रक्रिया को अधिक दक्ष और आधुनिक बनाने के लिए ECI ने करीब 1 करोड़ चुनाव अधिकारियों के लिए डिजिटल प्रशिक्षण का आयोजन किया है। वहीं 4-5 मार्च को नई दिल्ली में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के CEOs के साथ दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें पहली बार DEOs और EROs ने भी भाग लिया। सम्मेलन में 28 प्रमुख हितधारकों की जिम्मेदारियों का स्पष्ट खाका तैयार किया गया। चुनाव अधिकारियों के लिए डिजिटल प्रशिक्षण किट तैयार की जा रही है, जो कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी। इसमें एनिमेटेड वीडियो और डिजिटल डैशबोर्ड का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जा सके।
ECI का लक्ष्य है कि हर मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता ही हों और वे मतदाताओं के घर से 2 किलोमीटर की दूरी के भीतर हों। ग्रामीण क्षेत्रों के दूरस्थ मतदान केंद्रों पर भी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। शहरी क्षेत्रों में मतदान को आसान बनाने के लिए कॉलोनियों में मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। वहीं ECI ने राजनीतिक दलों को चुनाव प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों जैसे दावा-आपत्ति प्रक्रिया पर प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव रखा है, जिसे सभी दलों ने स्वीकार किया है। इसके अलावा, राजनीतिक दलों को 30 अप्रैल 2025 तक चुनाव प्रक्रिया में सुधार के लिए अपने सुझाव भेजने का अवसर दिया गया है। साथ ही, आयोग ने दलों को दिल्ली में मिलने का न्योता भी दिया है।
ECI के ये साहसिक और व्यापक कदम चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सहभागी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।