एल नीनो मौसम संबंधी घटना के 2027 तक और मजबूत होने की आशंका है, जिससे अगले साल भी चरम मौसम की घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी ने कहा कि उसके पूर्वानुमानों के अनुसार, असाधारण रूप से गर्म प्रशांत महासागर के तापमान के कारण फरवरी 2027 तक एल नीनो के बने रहने की लगभग 100 प्रतिशत संभावना है।
बहुत मजबूत एल नीनो दुनिया भर में बारिश और तापमान के पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है और टाइफून जैसी चरम मौसम की घटनाओं को बढ़ावा दे सकता है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, “एल नीनो हमारी आंखों के सामने असामान्य रूप से बड़ा रूप ले रहा है। एल नीनो पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान में समय-समय पर होने वाली वृद्धि है, जो व्यापारिक हवाओं के कमजोर पड़ने के कारण होती है। यह प्राकृतिक रूप से हर दो से सात साल में होता है और आमतौर पर 12 महीने तक रहता है। इसके कारण लैटिन अमेरिका में भारी बारिश और सूखे की स्थिति पैदा हो सकती है।
WMO ने एक बयान में कहा कि इस साल के अंत तक इसके चरम पर पहुंचने की संभावना है। WMO की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा कि संगठन इसके लिए तैयारियों और शुरुआती चेतावनी संबंधी प्रयासों को बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा, “WMO संयुक्त राष्ट्र और मानवीय सहायता प्रणाली के विभिन्न भागीदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आपदा प्रबंधन और कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा तथा जल संसाधनों जैसे जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों को आवश्यक जलवायु संबंधी जानकारी और विश्लेषण उपलब्ध कराया जा सके।”
(इनपुट- एजेंसी)


