डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत के प्रमुख डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट डिजिलॉकर से देशभर की कई बिजली वितरण कंपनियां और विद्युत विभाग जुड़ गए हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, अब तक देश की 68 बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) और बिजली विभाग डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर लाइव हो चुके हैं।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस एकीकरण के माध्यम से 35 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बिजली उपभोक्ता अब डिजिलॉकर ऐप पर अपने डिजिटल बिजली बिल सुरक्षित रूप से प्राप्त कर सकेंगे। इससे आवश्यक उपयोगिता दस्तावेजों के प्रबंधन में सुविधा, पहुंच और दक्षता बढ़ेगी।
डिजिलॉकर से जुड़ने वाली प्रमुख सार्वजनिक और निजी बिजली कंपनियों में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, बेंगलुरु इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड, बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड, बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड, चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड और नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड शामिल हैं।
इनके अलावा कई राज्य बिजली वितरण कंपनियां, नगर निगमों के बिजली विभाग और निजी वितरण उपक्रम भी इस पहल का हिस्सा बने हैं, जो देशभर में करोड़ों उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान करते हैं।
मंत्रालय ने कहा कि 68 बिजली वितरण उपक्रमों का डिजिलॉकर से जुड़ना नागरिकों के लिए आवश्यक दस्तावेजों को सुरक्षित डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
डिजिलॉकर के विश्वसनीय जारीकर्ता नेटवर्क के विस्तार के साथ नागरिकों को सरकारी और उपयोगिता सेवाओं से जुड़े दस्तावेजों तक आसान पहुंच मिलेगी, जबकि संस्थानों को डिजिटल सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
बिजली बिलों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराने से उपभोक्ता जरूरत पड़ने पर अपने नवीनतम बिल आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें ईमेल खंगालने, कागजी प्रतियां संभालकर रखने या सेवा प्रदाता के कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
मंत्रालय के अनुसार, यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को उनके संबंधित बिजली सेवा प्रदाताओं द्वारा जारी दस्तावेजों तक सुरक्षित और विश्वसनीय माध्यम से पहुंच सुनिश्चित करेगी।
-(इनपुटःएजेंसी)


