भारत में दवा अनुसंधान और नवाचार को नई गति देने के उद्देश्य से रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग द्वारा 9वें इंडिया फार्मा कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन 13 और 14 अप्रैल को किया जाएगा।
इस सम्मेलन का आयोजन फिक्की (FICCI) के सहयोग से किया जा रहा है, जिसमें फार्मा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि, शोधकर्ता और स्टार्ट-अप भाग लेंगे।
औषधि विभाग के सचिव मनोज जोशी ने सम्मेलन की जानकारी देते हुए कहा कि इस वर्ष का मुख्य फोकस इनोवेशन, डिस्कवरी और डेवलपमेंट, खासकर बायोलॉजिकल दवाओं के क्षेत्र में प्रगति को बढ़ावा देने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दवा खोज और विकास के लिए एक मजबूत और सहयोगात्मक इकोसिस्टम तैयार करना है।
मनोज जोशी ने बताया कि सम्मेलन में शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, फार्मा उद्योग और स्टार्ट-अप्स को एक साझा मंच पर लाया जाएगा, ताकि नए विचारों, तकनीकों और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा मिल सके। इससे भारत में अत्याधुनिक दवाओं के विकास और उत्पादन की संभावनाएं मजबूत होंगी।
उन्होंने कहा कि भारत पहले ही वैश्विक फार्मा उद्योग में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और यह सम्मेलन देश को नवाचार आधारित फार्मा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मंचों से अनुसंधान, निवेश और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भविष्य में नई और प्रभावी दवाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।


