प्रधानमंत्री पोषण (पीएम पोषण) योजना के तहत पात्र बच्चों को पोषण समतुल्यता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप मेनू तय करने तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मोटे अनाज, सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अहम भूमिका
शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है और अधिकांश सरकारी विद्यालय तथा विद्यालय शिक्षा बोर्ड राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के अधीन आते हैं। पीएम पोषण योजना का क्रियान्वयन भी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के सहयोग से किया जाता है। बाल वाटिका और कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले पात्र बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने की समग्र जिम्मेदारी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की है।
प्राथमिक कक्षाओं के लिए 450 कैलरी और 12 ग्राम प्रोटीन
पीएम पोषण योजना के तहत प्रत्येक कार्य दिवस पर पात्र बच्चों को एक बार गर्म पका हुआ भोजन दिया जाता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 और योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के भोजन में प्रतिदिन प्रति बच्चा 450 कैलरी और 12 ग्राम प्रोटीन का पोषण मानक निर्धारित है। इसके लिए 100 ग्राम खाद्यान्न, 20 ग्राम दालें, 50 ग्राम सब्जियां तथा 5 ग्राम तेल एवं वसा का प्रावधान है।
उच्चतर प्राथमिक कक्षाओं में 700 कैलरी का मानक
उच्चतर प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए प्रतिदिन प्रति बच्चा 700 कैलरी और 20 ग्राम प्रोटीन का पोषण मानक निर्धारित किया गया है। इसके लिए 150 ग्राम खाद्यान्न, 30 ग्राम दालें, 75 ग्राम सब्जियां और 7.5 ग्राम तेल एवं वसा का प्रावधान है। नमक और मसालों का उपयोग आवश्यकतानुसार किया जाता है।
स्थानीय खाद्य पदार्थों को बढ़ावा
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप भोजन का मेनू तैयार करने की छूट है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर उत्पादित मोटे अनाज, सब्जियां, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों की खरीद को प्रोत्साहित किया जाता है। इससे बच्चों को स्थानीय आहार परंपराओं के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय कृषि और खाद्य उत्पादन को भी बढ़ावा मिलता है।
पूरक पोषण के लिए 5 प्रतिशत फ्लेक्सी घटक
योजना के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विद्यालय पोषण वाटिकाएं स्थापित करने तथा चिन्हित जिलों में पूरक पोषण संबंधी हस्तक्षेपों के लिए कुल आवर्ती बजट के 5 प्रतिशत तक फ्लेक्सी घटक का उपयोग करने का प्रावधान है। कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्थानीय खान-पान की आदतों, सांस्कृतिक प्राथमिकताओं, खाद्य उपलब्धता और आहार संबंधी व्यवहार को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पूरक पोषण भी उपलब्ध कराते हैं। (इनपुट: पीआईबी)


