कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) के माध्यम से कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने और मान्यता के माध्यम से अप–स्किलिंग और री–स्किलिंग के लिए 2015 से देशभर के युवाओं को प्रायर लर्निंग (आरपीएल) के लिए अपनी प्रमुख योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) लागू कर रहा है। पीएमकेवीवाई के तहत, एसटीटी प्रमाणित उम्मीदवारों को प्लेसमेंट के अवसर प्रदान किए गए हैं और आरपीएल में पहले से मौजूद कौशल के प्रमाणीकरण की प्रक्रिया शामिल है।
पीएमकेवीवाई योजना के तहत, 2015 से 30.6.2024 तक, 1.48 करोड़ उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है
योजना के पहले तीन संस्करणों में अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) घटक में प्लेसमेंट को ट्रैक किया गया था, जो कि वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2021-22 तक लागू पीएमकेवीवाई 1.0, पीएमकेवीवाई 2.0 और पीएमकेवीवाई 3.0 है। वित्त वर्ष 2022-23 से कार्यान्वयन के तहत योजना के वर्तमान संस्करण, पीएमकेवीवाई 4.0 से प्लेसमेंट को अलग कर दिया गया है।पीएमकेवीवाई योजना के तहत, 2015 से 30.6.2024 तक, 1.48 करोड़ उम्मीदवारों को प्रशिक्षित/उन्मुख किया गया है। इसके अलावा, पहले तीन संस्करणों के तहत, एसटीटी में प्रमाणित 56.88 लाख उम्मीदवारों में से 24.3 लाख उम्मीदवारों को नौकरी मिली है, जिससे कुल प्लेसमेंट दर 42.8 हो गई है।
पीएमकेवीवाई योजना के तहत, 2015 से 30.6.2024 तक, महाराष्ट्र में 12.72 लाख उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है
योजना के पहले तीन संस्करणों में अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) घटक में प्लेसमेंट को ट्रैक किया गया था, जो कि वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2021-22 तक लागू पीएमकेवीवाई 1.0, पीएमकेवीवाई 2.0 और पीएमकेवीवाई 3.0 है। वित्त वर्ष 2022-23 से कार्यान्वयन के तहत योजना के वर्तमान संस्करण, पीएमकेवीवाई 4.0 से प्लेसमेंट को अलग कर दिया गया है। पीएमकेवीवाई योजना के तहत, 2015 से 30.6.2024 तक, महाराष्ट्र राज्य में 12.72 लाख उम्मीदवारों को प्रशिक्षित/उन्मुख किया गया है। इसके अलावा, पहले तीन संस्करणों के तहत, एसटीटी में प्रमाणित 2.60 लाख में से 80,950 उम्मीदवारों को नौकरी मिली है, जिससे महाराष्ट्र राज्य में कुल प्लेसमेंट दर 30.4% हो गई है।
पीएमकेवीवाई 4.0 सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चालू है
वर्तमान में पीएमकेवीवाई योजना का चौथा संस्करण यानी पीएमकेवीवाई 4.0 को 2022-23 से केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में लागू किया जा रहा है और पीएमकेवीवाई 4.0 में कोई राज्य प्रबंधित घटक नहीं है। इसके अलावा, पीएमकेवीवाई 4.0 सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चालू है।
वर्ष 2022-23 से पीएमकेवीवाई 4.0 के कार्यान्वयन की अवधि के लिए, उम्मीदवारों की ड्रॉप-आउट दर 13.84 प्रतिशत है
वर्ष 2022-23 से पीएमकेवीवाई 4.0 के कार्यान्वयन की अवधि के लिए, उम्मीदवारों की ड्रॉप–आउट दर 13.84 प्रतिशत है। ड्रॉप–आउट को और कम करने के लिए, पीएमकेवीवाई 4.0 को एक मांग–संचालित योजना के रूप में डिज़ाइन किया गया है और इसे एक सरलीकृत और एकीकृत पोर्टल स्किल इंडिया डिजिटल हब के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है। इसके अलावा, विशेष समूहों (महिलाओं और पीडब्ल्यूडी) और आकांक्षी, सीमावर्ती, आदिवासी बहुल और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों सहित विशेष क्षेत्रों में बोर्डिंग, लॉजिंग और परिवहन सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए, उन्हें गैर-आवासीय प्रशिक्षण के लिए भी परिवहन लागत प्रदान की जा रही है
उपरोक्त के अतिरिक्त, योजना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए, उन्हें गैर–आवासीय प्रशिक्षण के लिए भी परिवहन लागत प्रदान की जा रही है। पीएमकेवीवाई4.0 के तहत, कोई राज्य प्रबंधित घटक नहीं है क्योंकि इसे केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में कार्यान्वित किया जा रहा है। तदनुसार, राज्य कौशल विकास मिशन को किसी भी धनराशि का कोई सीधा आवंटन/वितरण नहीं है। यह जानकारी कौशल विकास और उद्यमिता (एमएसडीई) मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी। (इनपुट- पीआईबी)


