कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने सभी सदस्यों का रिकॉर्ड नए केंद्रीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस में स्थानांतरित करने का काम पूरा कर लिया है। यह कदम ‘सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज (सीआईटीईएस)’ परियोजना के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य सदस्यों को तेज, पारदर्शी और आसान सेवाएं उपलब्ध कराना है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब ईपीएफओ की सेवाएं किसी एक क्षेत्रीय कार्यालय तक सीमित नहीं रहेंगी। सदस्य का आवेदन देश के किसी भी अधिकृत कार्यालय से निपटाया जा सकेगा।
ईपीएफओ के अनुसार, इस नई प्रणाली से ब्याज राशि पहले की तुलना में जल्दी खाते में जमा होगी। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज लगभग 34 करोड़ खातों में जमा किया जाएगा। सदस्य 15 जुलाई तक अपनी पासबुक में ब्याज की जानकारी देख सकेंगे। पहले ब्याज जमा होने में अक्टूबर-नवंबर तक का समय लग जाता था।
नई व्यवस्था के तहत सदस्य एक ही पोर्टल पर अपने पीएफ खाते की जानकारी, शेष राशि, दावे की स्थिति, पेंशन से जुड़ी जानकारी और अन्य सुविधाएं देख सकेंगे। पहले यह जानकारी अलग-अलग प्रणालियों में उपलब्ध होती थी।
दावों के निपटारे से पहले सभी दस्तावेजों की जांच स्वतः होगी। यदि किसी प्रकार की कमी होगी तो सदस्य को पहले ही इसकी जानकारी मिल जाएगी। इससे दावे खारिज होने की संभावना कम होगी।
ईपीएफओ ने स्वचालित दावा निपटान की सीमा भी बढ़ा दी है। अब पूरी तरह सत्यापित दस्तावेज वाले सदस्यों के पांच लाख रुपये तक के अग्रिम दावों का निपटारा स्वतः किया जाएगा। पहले यह सीमा एक लाख रुपये थी।
अगर दावा प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त जानकारी की जरूरत होगी तो ईपीएफओ ऑनलाइन माध्यम से सदस्य से जानकारी मांगेगा। इससे कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी और दावों का निपटारा तेजी से होगा।
नई व्यवस्था के तहत दावे की राशि भी केंद्रीकृत भुगतान प्रणाली के माध्यम से सीधे सदस्य के बैंक खाते में उसी दिन भेजी जाएगी, जिस दिन दावा मंजूर होगा।
नौकरी बदलने पर आधार से जुड़े सार्वभौमिक खाता संख्या (यूएएन) वाले पीएफ खाते का स्थानांतरण अब स्वतः हो जाएगा। इसके लिए अलग से आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी।
पेंशनधारक भी अब देश के किसी भी ईपीएफओ कार्यालय से अपनी सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे और किसी भी बैंक खाते में पेंशन ले सकेंगे। जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा भी किसी भी कार्यालय में उपलब्ध होगी।
ईपीएफओ का कहना है कि नई प्रणाली से सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और सदस्यों को पहले से बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
(इनपुटः एजेंसी)


