कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने मंगलवार को 15 अतिरिक्त सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ समझौते किए हैं, ताकि वार्षिक संग्रह में करीब 12,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष भुगतान संभव हो सके। साथ ही इन बैंकों में खाता रखने वाले नियोक्ताओं को सीधे पहुंच मिल सके।
15 अतिरिक्त सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ किया समझौता
इस संबंध में श्रम और रोजगार मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि ईपीएफओ ने नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे की मौजूदगी में 15 अतिरिक्त सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ समझौते किए।
ईपीएफओ स्वयं को कुशल बैंक के रूप में स्थापित करने के लिए ईपीएफओ 3.0 के रूप में कर रहा विकसित
इसी के साथ इस पैनल में शामिल सरकारी और निजी बैंकों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। कल इस करार पर हस्ताक्षर के समय डॉक्टर मनसुख मांडविया ने कहा कि ईपीएफओ लगभग आठ करोड़ सदस्यों और 78 लाख से अधिक पेंशन भोगियों को सामाजिक सुरक्षा और अन्य लाभ उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईपीएफओ स्वयं को सुलभ और कुशल बैंक के रूप में स्थापित करने के लिए ईपीएफओ 3.0 के रूप में विकसित कर रहा है। नए शामिल 15 बैंक सालाना लगभग 12 हजार करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष भुगतान करेंगे और कर्मचारी सीधे इन बैंकों से लेन-देन कर सकेंगे।
वित्त वर्ष 2024-25 में ईपीएफओ ने रिकॉर्ड 6 करोड़ से अधिक दावों का किया निपटारा
डॉक्टर मनसुख मांडविया ने इस बात पर जोर दिया कि ईपीएफओ किस तरह एक मजबूत आईटी प्रणाली के रूप में लगातार विकसित और अनुकूलनशील हो रहा है जिसने हाल ही में ईपीएफओ 2.01 के कार्यान्वयन के साथ-साथ दावा निपटान में उल्लेखनीय सुधार किया है। वित्त वर्ष 2024-25 में ईपीएफओ ने रिकॉर्ड 6 करोड़ से अधिक दावों का निपटारा किया, जो पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में निपटाए गए 4.45 करोड़ दावों की तुलना में 35 फीसदी अधिक है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मंडाविया ने हाल ही में ईपीएफओ द्वारा शुरू किए गए महत्वपूर्ण सुधारों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि ऑटो क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया एक बड़ा सुधार है, जिसने दावा प्रसंस्करण की गति में सुधार किया है। ऑटो-प्रोसेसिंग के साथ अब दावों का निपटान केवल तीन दिनों में किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में हमने इस प्रणाली के तहत 2.34 करोड़ दावों का निपटान किया है, जो वित्त वर्ष 2023-24 में 89.52 लाख दावों से 160 फीसदी अधिक है।
ईपीएफओ अपने लाभार्थियों को दे रहा 8.25 फीसदी ब्याज दर
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि ईपीएफओ अपने लाभार्थियों को 8.25 फीसदी ब्याज दर दे रहा है। सेवा वितरण में बैंकों की भागीदारी से ईएफएफओ की दक्षता बढ़ेगी और सुशासन में सुधार होगा। इस अवसर पर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति, एमडी और सीईओ तथा बैंकों, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और ईपीएफओ के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।