अत्यधिक तनाव से हो सकता है ‘ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम’, विशेषज्ञों ने किया आगाह

तेज दुख ही नहीं, बल्कि अत्यधिक गुस्सा, डर या अचानक लगा सदमा भी दिल की पंप करने की क्षमता को अस्थायी रूप से कमजोर कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा दुर्लभ स्थिति ‘टाकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी’ में हो सकता है, जिसे ‘ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम’ भी कहा जाता है।

यह स्थिति आमतौर पर किसी तीव्र भावनात्मक या शारीरिक घटना के बाद तनाव पैदा करने वाले हार्मोन में अचानक वृद्धि से जुड़ी होती है। किसी करीबी की मृत्यु, रिश्ते का टूटना या अत्यधिक गुस्सा इसके संभावित कारण हो सकते हैं। यह स्थिति भावनात्मक तनाव और हृदय स्वास्थ्य के बीच जटिल संबंध को दर्शाती है।

दिल्ली स्थित एम्स के हृदय रोग विभाग के प्रमुख डॉ. राजीव नारंग ने कहा कि अत्यधिक गुस्से सहित कोई अचानक और तीव्र भावनात्मक घटना शरीर में एड्रेनालिन की प्रतिक्रिया को तेज कर सकती है। इससे हृदय की मांसपेशियों की सामान्य रूप से सिकुड़ने की क्षमता अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसका कारण हमेशा दुख या किसी करीबी को खोने का सदमा ही नहीं होता।

इस स्थिति के लक्षण अचानक दिल का दौरा पड़ने जैसे हो सकते हैं। मरीज को सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, पसीना आना या दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डॉ. नारंग के अनुसार, इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) में भी दिल के दौरे जैसे बदलाव दिखाई दे सकते हैं।

हालांकि, टाकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी के मरीजों की जांच में अक्सर हृदय की धमनियों में ऐसी बड़ी रुकावट नहीं मिलती, जो इन लक्षणों की व्याख्या कर सके।

डॉ. नारंग ने कहा कि इस स्थिति में मरीज देखने में सामान्य दिल के दौरे से पीड़ित व्यक्ति जैसा लग सकता है। इसलिए बिना तत्काल हृदय संबंधी जांच के लक्षणों को तनाव का परिणाम नहीं मानना चाहिए, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण और ईसीजी में बदलाव दिल के दौरे से काफी मिलते-जुलते हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में मरीजों को गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं और उन्हें कोरोनरी केयर यूनिट में निगरानी की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, अधिकतर मरीजों के हृदय की कार्यक्षमता कुछ दिनों या हफ्तों में वापस सामान्य हो जाती है। सामान्य दिल के दौरे की तुलना में इस स्थिति में लंबे समय का पूर्वानुमान आमतौर पर बेहतर रहता है।

‘टाकोत्सुबो’ नाम जापान में इस्तेमाल होने वाले ऑक्टोपस पकड़ने के बर्तन से लिया गया है। इस स्थिति के तीव्र चरण में हृदय के बाएं निलय का आकार उस बर्तन जैसा फूल सकता है। कुछ मरीजों में हृदय की धमनियों में रुकावट भी संयोगवश मौजूद हो सकती है।

विशेषज्ञों ने आगाह किया कि भावनात्मक तनाव के बाद सीने में दर्द होने के हर मामले को ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम नहीं मानना चाहिए। सीने में नया दर्द या सांस लेने में परेशानी होने पर इसे संभावित हृदय संबंधी आपात स्थिति मानकर तत्काल जांच करानी चाहिए। दिल का दौरा जैसे गंभीर कारणों को खारिज किए बिना इन लक्षणों को गुस्से, दुख या चिंता का परिणाम मानना खतरनाक हो सकता है।

-(इनपुटः पीटीआई)

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