प्रतिक्रिया | Friday, April 04, 2025

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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने थाईलैंड में 20वीं बिम्सटेक मंत्रिस्तरीय बैठक को किया संबोधित 

बिम्सटेक विदेश मंत्रियों ने आज गुरुवार को 20वीं बिम्सटेक मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान समुद्री परिवहन सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी। दरअसल, समुद्री संपर्क बढ़ाने के लिए बिम्सटेक मंच मिलकर कार्य कर रहा है। 

https://x.com/MEAIndia/status/1907647950584688896

विदेश मंत्री ने कहा- ‘बिम्सटेक भारत की तीन महत्वपूर्ण पहलों का एक संयोजन’

इस दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बिम्सटेक सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे मौजूदा वैश्विक व्यवस्था में अनिश्चितता और अस्थिरता को देखते हुए संगठन के प्रति अधिक महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण अपनाएं। बैंकॉक, थाईलैंड में 20वीं बिम्सटेक मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि नई व्यवस्था मूल रूप से अधिक क्षेत्रीय और एजेंडा-विशिष्ट है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि बिम्सटेक भारत की तीन महत्वपूर्ण पहलों का एक संयोजन है: एक्ट ईस्ट नीति, पड़ोसी प्रथम दृष्टिकोण और महासागर दृष्टिकोण। इसके साथ ही यह देश की हिंद-प्रशांत प्रतिबद्धता का मार्ग भी है।

तमाम वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक रूपरेखा तैयार करने को कहा

उन्‍होंने सदस्यों से कहा कि वे अपनी ऊर्जा को सबसे प्रमुख एकीकरणों जैसे पावर ग्रिड कनेक्शनों, डिजिटल अवसंरचना, व्यावसायिक गतिविधियों, समुद्री और भूमि परिवहन, ब्लू इकोनॉमी, और स्वास्थ्य, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि भविष्य को देखते हुए, प्रौद्योगिकी, स्टार्ट-अप और नवाचार अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। डॉ. जयशंकर ने पर्यटन को भी एक अन्य संभावित क्षेत्र के रूप में प्रोत्साहित किया और इस बात पर प्रकाश डाला कि बिम्सटेक देशों में सबसे अधिक संख्या में पर्यटक आने वाले लोगों में भारतीय हैं। उन्होंने साइबर सुरक्षा, आतंकवाद निरोधक उपाय, मानव तस्करी, अवैध मादक पदार्थों के व्यापार और अन्य संबंधित गतिविधियों की गंभीरता पर ध्यान देने तथा इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक रूपरेखा तैयार करने को भी कहा।

म्यांमार और थाईलैंड के प्रति एकजुटता और समर्थन भी किया व्यक्त 

विदेश मंत्री ने हाल ही में आए भीषण भूकंप के बाद म्यांमार और थाईलैंड के प्रति एकजुटता और समर्थन भी व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत इस स्थिति में प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में अपने दायित्व का निर्वाह कर रहा है।
बिम्सटेक के बारे में…

बताना चाहेंगे, बिम्सटेक एक क्षेत्रीय समूह है जिसमें भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, नेपाल, भूटान शामिल हैं। बिम्सटेक के सहयोग के क्षेत्रों की बात करें तो व्यापार और निवेश इसमें अहम है। इसके अलावा तकनीक, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन, मत्स्य, कृषि, सार्वजनिक स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन, आतंकवाद का विरोध, पर्यावरण व लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाना भी इसमें शामिल है। ये तमाम सहयोग के क्षेत्र हैं जिन पर बिम्सटेक के ये देश मिलकर काम करेंगे और आगे आने वाले समय के लिए एक बड़ी रणनीति बनाते भी नजर आएंगे। 

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आखरी अपडेट: 4th Apr 2025