विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कोलंबो में अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की और चक्रवात दितवाह के बाद भारत की ओर से एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं भी श्रीलंकाई राष्ट्रपति तक पहुंचाईं।
इस दौरान दोनों नेताओं ने श्रीलंका के उत्तरी प्रांत के किलिनोच्ची जिले में एक 120 फुट लंबा ड्यूल कैरिजवे बेली ब्रिज भी संयुक्त रूप से उद्घाटित किया। यह इलाका चक्रवात दितवाह से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। 110 टन वजनी यह पुल भारत से हवाई मार्ग से लाया गया और ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत स्थापित किया गया।
विदेश मंत्री जयशंकर ने श्रीलंका के लिए 450 मिलियन डॉलर (45 करोड़ डॉलर) के पुनर्निर्माण पैकेज की घोषणा भी की। इस पैकेज के तहत
सड़कों, रेलवे और पुलों की मरम्मत और बहाली,
पूरी तरह और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों का निर्माण,
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों को सहायता,
कृषि क्षेत्र में सहयोग और
आपदा प्रबंधन व तैयारी को मजबूत करने
जैसे कार्य शामिल होंगे।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,
“कोलंबो में राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके से मिलकर प्रसन्नता हुई। चक्रवात दितवाह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं और भारत की एकजुटता का संदेश दिया।”
उन्होंने आगे कहा कि ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता (First Responder) की भूमिका निभाते हुए भारत श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है और यह सहयोग पड़ोसी पहले नीति, सभ्यतागत संबंधों और विजन महासागर (MAHASAGAR) पर आधारित है।
विदेश मंत्री सोमवार को कोलंबो पहुंचे थे, जहां श्रीलंका के उप पर्यटन मंत्री रुवन रणसिंघे ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह दौरा भारत की Neighbourhood First Policy को दर्शाता है और चक्रवात दितवाह से हुई तबाही के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन सागर बंधु के संदर्भ में हो रहा है।
भारत ने 28 नवंबर को चक्रवात के तुरंत बाद ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया था, जिसके तहत श्रीलंका को मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) प्रदान की जा रही है।
पिछले सप्ताह भारत ने बाढ़ प्रभावित श्रीलंका के कई इलाकों में राहत सामग्री भेजी थी। 18 दिसंबर को श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त Santosh Jha ने कोलंबो के कोलोनावा उपनगर और वट्टाला स्थित भक्तिवेदांत चिल्ड्रन होम ‘गोकुलम’ का दौरा किया, जो बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
इस दौरान भारतीय उच्चायुक्त ने ऑल सीलोन सूफी स्पिरिचुअल एसोसिएशन के सहयोग से कोलोनावा में परिवारों को राहत किट वितरित कीं और कोलंबो के ISKCON मंदिर में स्थानांतरित किए गए बच्चों को भी सहायता दी।
इससे पहले 14 दिसंबर को भारतीय वायुसेना का C-17 ग्लोबमास्टर विमान श्रीलंका पहुंचा था, जिसमें 10 टन दवाइयां और 15 टन सूखा राशन भेजा गया था। इसी विमान से महियंगनाया (कैंडी के पास) तैनात भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल टीम की भी वापसी कराई गई थी, जिसने अपना मानवीय मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया।
भारत के उच्चायोग ने बताया कि किलिनोच्ची और चिलाव में क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। किलिनोच्ची पुल को पूरी तरह साफ कर बेली ब्रिज लगाने के लिए तैयार कर लिया गया है, जिससे क्षेत्र में आवागमन और संपर्क बेहतर होगा।
-(इनपुटःएजेंसी)


