1902 में उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में जन्मे चौधरी चरण सिंह भारतीय राजनीति में किसानों की सशक्त आवाज के रूप में पहचाने जाते हैं। वे देश के पांचवें प्रधानमंत्री रहे और अपना संपूर्ण राजनीतिक जीवन ग्रामीण भारत, कृषि सुधार और किसान कल्याण को समर्पित किया। उनके विचारों और नीतियों का केंद्र बिंदु हमेशा अन्नदाता रहा।
उत्तर प्रदेश में भूमि सुधार कानूनों को लागू कराने में चौधरी चरण सिंह की भूमिका विशेष
प्रधानमंत्री रहते हुए भी उन्होंने कृषि आधारित अर्थव्यवस्था पर ज़ोर दिया
किसानों के हितों में दिए गए उनके अतुलनीय योगदान को सम्मान देने के लिए 23 दिसंबर, उनके जन्मदिवस को देशभर में ‘किसान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। यह दिन न केवल चौधरी चरण सिंह को स्मरण करने का अवसर है, बल्कि भारतीय किसान के संघर्ष, योगदान और अधिकारों को सम्मान देने का प्रतीक भी है। (इनपुट-एजेंसी)


