वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हम्पी में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के इंटर्न्स से की बातचीत, कहा-“भारत की नई ताकत हैं युवा”

केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कर्नाटक के ऐतिहासिक शहर हम्पी में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) के इंटर्न्स से बातचीत की। इस अवसर पर राज्यभर से आए 60 से अधिक इंटर्न्स और कई प्रमुख साझेदार कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इनमें इंफोसिस, आईबीएम, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, मंगलूर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, एनएमडीसी और हनीवेल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस जैसी अग्रणी कंपनियां शामिल थीं।

निर्मला सीतारमण ने इंटर्न्स से सीधे बातचीत की और उनकी सीखने की प्रक्रिया, अनुभवों और भविष्य की आकांक्षाओं को सुना। उन्होंने इंटर्न्स से उनके काम करने की प्रेरणा, सीखे गए कौशल और इंटर्नशिप के दौरान हुए व्यक्तित्व विकास पर चर्चा की। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कई इंटर्न्स ने अपने प्रदर्शन के दम पर कंपनियों में पूर्णकालिक (फुल-टाइम) नौकरी हासिल कर ली है। उन्होंने इन इंटर्न्स को बधाई देते हुए कहा कि आज के बदलते रोजगार बाजार में आत्मविश्वास और अनुकूलता बनाए रखना बेहद जरूरी है। सीतारमण ने कहा, “यह जानकर अच्छा लगा कि यह इंटर्नशिप न केवल कार्य के मूल पहलुओं की समझ बढ़ा रही है बल्कि संचार की बाधाओं को दूर करने जैसी अन्य क्षमताओं को भी निखार रही है। यह इंटर्नशिप युवाओं के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभा रही है।”

कार्यक्रम के दौरान कई प्रेरणादायक व्यक्तिगत कहानियां भी साझा की गईं, जिनसे इस योजना के सकारात्मक प्रभाव का पता चला। आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले के कलुवा हरि कृष्णा ने आईटी और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट क्षेत्र में इंटर्नशिप के बाद टीसीएस में पूर्णकालिक नौकरी पाई। किसान परिवार से आने वाले हरि कृष्णा ने कहा कि यह अनुभव उनके जीवन को “पूरी तरह बदल देने वाला” रहा। वहीं, चित्तूर की आर. लक्ष्मी प्रसन्ना ने बताया कि पीएमआईएस के जरिए इंफोसिस में शामिल होने से उन्हें आत्मविश्वास और कॉरपोरेट दुनिया का वास्तविक अनुभव मिला। इसी तरह केरल की गौरी एच, जो हनीवेल में एम्बेडेड इंजीनियर के रूप में इंटर्न कर रही हैं, ने बताया कि पीएमआईएस ने उनके सपनों के करियर की राह खोली। उनकी प्रशंसा करते हुए सीतारमण ने कहा, “गौरी की सकारात्मकता और दृढ़ता वास्तव में प्रेरणादायक है। ऐसी कहानियाँ ही पीएमआईएस की असली भावना और उद्देश्य को दर्शाती हैं।”

इस बातचीत के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना तेजी से युवाओं को कौशल, अनुभव और अवसर प्रदान कर रही है। यह सरकार की ‘विकसित भारत 2047’ की दृष्टि के अनुरूप एक कुशल और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना, प्रधानमंत्री की पांच प्रमुख रोजगार और कौशल विकास पहलों में से एक है। यह योजना 21 से 24 वर्ष की आयु के उन युवाओं को लक्षित करती है जो किसी भी शैक्षणिक कार्यक्रम या औपचारिक रोजगार में नहीं हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले पाँच वर्षों में देशभर की प्रमुख कंपनियों में 1 करोड़ से अधिक युवाओं को भुगतान वाली इंटर्नशिप उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि हो।

अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें : [https://pminternship.mca.gov.in/](https://pminternship.mca.gov.in/)
;[https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2179817](https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2179817)