भारत और सिंगापुर के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को सिंगापुर के लिए रवाना हो गईं। वह चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर) में भाग लेंगी।
उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि निर्मला सीतारमण एक उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं। इसमें विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल हैं।
आईएसएमआर का उद्देश्य
वर्ष 2022 में शुरू किए गए भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर) दोनों देशों के बीच एक उच्चस्तरीय आर्थिक मंच है। इसका मकसद द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग की नियमित समीक्षा करना और साझेदारी के नए क्षेत्रों की पहचान करना है। यह मंच दोनों देशों को विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का आकलन करने और आर्थिक भागीदारी को और गहरा करने के उपायों पर विचार करने का अवसर प्रदान करता है।
इस बार किन मुद्दों पर होगी चर्चा
वित्त मंत्रालय के अनुसार, चौथे सम्मेलन में छह प्रमुख क्षेत्रों—उन्नत विनिर्माण, कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य एवं औषधि, कौशल विकास और सतत विकास—में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए उभरते अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। भारत और सिंगापुर के बीच निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सेवाओं और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में पहले से मजबूत संबंध हैं। इस बैठक में इन्हीं क्षेत्रों को और विस्तार देने पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर पहले ही पहुंच चुके सिंगापुर
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर सम्मेलन से पहले मंगलवार को ही सिंगापुर पहुंच गए थे। भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने एक्स पर उनका स्वागत करते हुए कहा कि चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन के लिए विदेश मंत्री का आगमन दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक है।
पिछले सम्मेलनों का सफर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, आईएसएमआर पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इसका पहला सम्मेलन 2022 में हुआ था। दूसरा अगस्त 2024 में सिंगापुर में और तीसरा अगस्त 2025 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। (इनपुट-एजेंसी)


