29/09/26 | 4:21 pm

Print

सफदरजंग अस्पताल में पहली बार डुअल किडनी ट्रांसप्लांट, केंद्रीय सरकारी अस्पताल में भी पहली ऐसी प्रक्रिया

नई दिल्ली के वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल ने किडनी ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार डुअल किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया है। खास बात यह है कि किसी केंद्रीय सरकार द्वारा संचालित अस्पताल में यह पहला डुअल किडनी ट्रांसप्लांट है।
इस प्रक्रिया में एक ही डोनर की दोनों किडनियां एक ही मरीज में प्रत्यारोपित की गईं। यह निर्णय ऐसे डोनर की किडनियों के बेहतर उपयोग के लिए लिया गया, जिन्हें मेडिकल मानकों के आधार पर मार्जिनल डोनर माना गया था।

19 सितंबर की रात चंडीमंदिर स्थित कमांड अस्पताल में 62 वर्षीय व्यक्ति को ब्रेन डेड घोषित किया गया। उनके परिवार ने अंगदान का साहसिक निर्णय लिया। डोनर की उम्र और अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों को देखते हुए उनकी किडनियों को मार्जिनल डोनर ऑर्गन्स की श्रेणी में रखा गया। ऐसे मामलों में एक किडनी से अपेक्षित चिकित्सकीय लाभ सीमित हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञों ने दोनों किडनियों को एक ही मरीज में प्रत्यारोपित करने का निर्णय लिया।
अंगों को समय पर दिल्ली पहुंचाने में भारतीय वायुसेना के पश्चिमी कमान ने महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक सहयोग दिया। डोनर का लिवर आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल को और दोनों किडनियां सफदरजंग अस्पताल को आवंटित की गईं।
यह जटिल ट्रांसप्लांट यूरोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट विभाग के प्रमुख डॉ. पवन वासुदेवा के नेतृत्व में बहु-विषयक टीम ने किया। इसमें नेफ्रोलॉजी, एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर की विशेषज्ञ टीमों ने भी अहम भूमिका निभाई।

अस्पताल ने इस पूरी प्रक्रिया में राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन यानी NOTTO, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और अस्पताल के ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया है।
देश में अंगों की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर है। ऐसे में उपलब्ध अंगों का चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल अधिक मरीजों को ट्रांसप्लांट का अवसर देने में मदद कर सकता है। सफदरजंग अस्पताल की यह उपलब्धि उसके किडनी ट्रांसप्लांट कार्यक्रम को मजबूत करने के साथ-साथ डायलिसिस पर निर्भर मरीजों के लिए नई उम्मीद भी जगाती है।

RELATED ARTICLES

3 hours ago | Ageing Population

बढ़ती उम्र के साथ बदलती दुनिया; बुजुर्गों के लिए सम्मान, सुरक्षा और अपनत्व की नई जरूरत

बढ़ती उम्र केवल जीवन के वर्षों का बढ़ना नहीं, बल्कि बदलती जरूरतों, अधिकारों, स्वास्थ्य, आर्थिक स...

4 hours ago | air pollution

दिल्ली की हवा में सुधार, सितंबर में पांच साल का सबसे कम औसत AQI

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार का रुझान जारी है। दिल्ली में सितंबर 2026 के दौरान पिछले ...