गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। इसके साथ ही बांदीपोरा जिले की गुरेज घाटी और पीर पंजाल रेंज की प्रसिद्ध ‘पीर की गली’ भी बर्फ की चादर ओढ़ चुकी है। पूरे इलाके में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और सर्दियों जैसी ठंड पड़ने लगी है। डोडा में बर्फबारी और बादलों के कारण पहाड़ी क्षेत्र सफेद हो गए हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी का मौसम औपचारिक रूप से शुरू हो गया है।
गुरेज घाटी में ताजा बर्फबारी
उत्तरी कश्मीर की गुरेज घाटी में ताजी बर्फबारी से पूरा पहाड़ी इलाका सफेद नजर आ रहा है। मैदानी क्षेत्रों में करीब दो इंच और ऊंचाई वाले इलाकों में चार से पांच इंच बर्फ दर्ज की गई है। दावर, तुलेल, बागतोर, त्रागबल और राजदान टॉप समेत कई जगहों पर बर्फबारी हुई है, जिससे नजारा पूरी तरह बदल गया है। राजदान टॉप और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण 85 किलोमीटर लंबी बांदीपोरा-गुरेज सड़क को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है।
यात्रियों के लिए सलाह
बर्फबारी से तापमान गिरने और सड़कें फिसलन भरी होने के कारण सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम और ट्रैफिक संबंधी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। जब तक प्रशासन वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू होने की पुष्टि न करे, तब तक इस रास्ते का इस्तेमाल करने से बचें।
पीर की गली में बीआरओ का काम शुरू
पीर पंजाल रेंज में सीजन की पहली बर्फबारी के बाद बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की 79 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (आरसीसी) ने ‘पीर की गली’ में बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य पुंछ और कश्मीर के बीच यातायात के लिए रास्ता साफ रखना है।हिमाचल में भी ठंड का प्रकोपवहीं धौलाधार पर्वत श्रृंखला में ताजी बर्फबारी और धर्मशाला में लगातार बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है। पर्यटक और स्थानीय निवासी कड़ाके की ठंड का सामना कर रहे हैं। धर्मशाला में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में अचानक आए इस बदलाव के लिए कई पर्यटक तैयार नहीं थे।
पंजाब के लुधियाना से धर्मशाला आए माधव और विश्वास ने बताया, “हमें नहीं पता था कि यहां मौसम इतना ठंडा होगा। हमने ऐसे हालात की उम्मीद नहीं की थी। दुकानें अभी भी बंद हैं और उनके खुलने का इंतजार करते हुए हम ठंड से कांप रहे हैं। हमें कुछ गर्म कपड़े खरीदने पड़ेंगे, जिससे हमारा बजट जरूर बिगड़ जाएगा।” पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के साथ सर्दी का मौसम अब जोर पकड़ने लगा है। प्रशासन और बीआरओ सड़कों को खुला रखने के लिए सक्रिय हैं। (इनपुट-एजेंसी)


