‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत युद्धग्रस्त ईरान से निकाले गए 110 भारतीय छात्र नई दिल्ली पहुंचे, खुशी से झूम उठे घरवाले

भारत के ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत युद्धग्रस्त ईरान से निकाले गए 110 भारतीय छात्र सकुशल स्वदेश पहुंच गए। इन्हें ईरान से पहले अर्मेनिया पहुंचाया गया। वहां से फ्लाइट 6E 9487 से नई दिल्ली लाया गया। इनकी पहली उड़ान आज गुरुवार तड़के राष्ट्रीय राजधानी पहुंची। इनको ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने अर्मेनिया पहुंचाने में मदद की। अपने बच्चों को ठीक-ठाक देखकर घरवाले खुशी से झूम उठे। इनमें से ज्यादातर छात्र जम्मू-कश्मीर के हैं।

ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए सरकार ने शुरू किया ‘ऑपरेशन सिंधु’ 

विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार शाम को पुष्टि की कि भारतीय दूतावास के समन्वय से तेहरान में रहने वाले भारतीय छात्रों को शहर से सुरक्षित निकाल लिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्विटर के माध्यम से घोषणा की, “ऑपरेशन सिंधु शुरू हुआ। भारत ने ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु शुरू किया। भारत ने 17 जून को ईरान और आर्मेनिया में हमारे मिशनों की देखरेख में उत्तरी ईरान से 110 छात्रों को निकाला, जो आर्मेनिया में प्रवेश कर गए थे।

भारत सरकार ने पिछले कई दिनों में ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाया कदम

यह उन कई कदमों का हिस्सा है जो भारत सरकार ने पिछले कई दिनों में ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए हैं और मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मदद का आह्वान किया है।

ईरान और आर्मेनिया की सरकारों के प्रति भारत सरकार ने जताया आभार

भारत सरकार ने कहा कि वह निकासी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए ईरान और आर्मेनिया की सरकारों की आभारी है।

भारत विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को देता है सर्वोच्च प्राथमिकता

“भारत विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। विदेश मंत्रालय ने कहा, “चल रहे अभियान के तहत, ईरान में भारतीय दूतावास बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों को देश के भीतर बढ़ती शत्रुता वाले क्षेत्रों से अपेक्षाकृत सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित करने और बाद में उपलब्ध और व्यवहार्य विकल्पों का उपयोग करके उन्हें निकालने में सहायता कर रहा है।”

विदेश मंत्रालय ने ईरान में भारतीय नागरिकों को सलाह दी कि वे तेहरान में भारतीय दूतावास के आपातकालीन हेल्पलाइन और नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय द्वारा स्थापित 24×7 नियंत्रण कक्ष के माध्यम से संपर्क में रहें।

तीन दिन का सफर पूरा कर स्वदेश पहुंचे हैं छात्र

बताना चाहेंगे ईरान से अपनी सरजमीं पर पहुंचे छात्र यासिर गफ्फार ने कहा कि वह अपने देश में आकर बहुत खुश है। ईरान के हालात बिलकुल भी ठीक नहीं हैं। छात्रा गजल ने इसके लिए भारतीय दूतावास का आभार व्यक्त किया है। मरियम रोज ने कहा कि भारतीय दूतावास ने बहुत मदद की। किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी। तीन दिन का सफर पूरा कर स्वदेश पहुंचे हैं।

पीएम मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का जताया आभार 

जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने निकासी अभियान शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेशमंत्री एस. जयशंकर का आभार जताया है। छात्रसंघ ने कहा है कि उम्मीद है कि बाकी छात्रों को भी जल्द वहां से निकाल लिया जाएगा। ईरान में एमबीबीएस के छात्र 21 वर्षीय माज हैदर के पिता हैदर अली ने इसके लिए भारत सरकार खास तौर पर प्रधानमंत्री मोदी की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।

इससे पहले कल ईरान में भारतीय दूतावास ने एक्स पर संदेश दिया था, “सभी भारतीय नागरिक जो तेहरान में हैं और दूतावास के संपर्क में नहीं हैं, उनसे अनुरोध है कि वे तुरंत तेहरान में भारतीय दूतावास से संपर्क करें और अपना स्थान और संपर्क नंबर प्रदान करें।” कृपया संपर्क करें- +989010144557; +989128109115; +989128109109 (इनपुट-एजेंसी)

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