नेपाल में एक बार फिर बड़े खतरे की चेतावनी जारी की गई है। शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया कि चीन के तिब्बती क्षेत्र में एक झील फटने की सूचना मिली है, जिससे नेपाल में दोबारा बाढ़ आ सकती है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने बताया कि रसुवा जिले में भोटेकोसी नदी के उसी क्षेत्र में, जहां 26 अगस्त को विनाशकारी बाढ़ आई थी, शुक्रवार को मलबे और कीचड़ के साथ पानी का बहाव फिर से बढ़ गया है।
अथॉरिटी ने कहा कि एक और बाढ़ आने की आशंका बनी हुई है। इसलिए भोटेकोसी और त्रिशूली नदियों के किनारे राहत-बचाव कार्यों में लगे सभी कर्मी तथा जोखिम वाले इलाकों में मौजूद लोग अत्यधिक सतर्क रहें।
नेपाल पुलिस ने भी दी चेतावनी
वहीं नेपाल पुलिस ने अलग से अलर्ट जारी करते हुए कहा कि तिब्बत क्षेत्र में झील फटने की खबर मिली है। लोगों के साथ-साथ बचाव कार्यों में लगे कर्मचारियों को भी सावधान रहने की जरूरत है।
26 अगस्त की बाढ़ का कहर अभी जारी
यह नई चेतावनी ऐसे समय आई है जब नेपाल अभी 26 अगस्त की भीषण बाढ़ से उबरने की कोशिश कर रहा है। एनडीआरआरएमए के अनुसार, उस बाढ़ में अब तक 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 977 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
नदी का रास्ता अभी पूरी तरह साफ नहीं
नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन अनुसंधान एवं विकास केंद्र ने गुरुवार रात जारी बयान में कहा कि नदी के अवरुद्ध होने से बनी झील का पानी अभी पूरी तरह खाली नहीं हुआ है। इसलिए ऊपरी भोटेकोसी क्षेत्र में पानी के बहाव में अचानक बढ़ोतरी की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
केंद्र ने जोर दिया कि भोटेकोसी, त्रिशूली और नारायणी नदी तंत्र की लगातार निगरानी जरूरी है। स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है, इसलिए खतरा पूरी तरह टला हुआ नहीं माना जा सकता। अधिकारियों ने इन नदियों के किनारे तैनात सुरक्षा बलों और राहत-बचाव टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। (इनपुट-एजेंसी)


