फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को भारत के चंद्रयान-3 मिशन का ज़िक्र करते हुए इसे देश की बढ़ती तकनीकी क्षमताओं का एक अहम उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जुलाई 2023 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास पहली बार हुई लैंडिंग ने इनोवेशन, रिसर्च और इंडस्ट्रियल इम्प्लीमेंटेशन में भारत की मज़बूती को साबित किया।
‘भारत इनोवेट्स लॉन्च 2026’ को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि इस मिशन ने दुनिया के उस नज़रिए को बदलने में मदद की है, जिसके तहत भारत को वैश्विक इनोवेशन में एक अग्रणी शक्ति के तौर पर देखा जाता है। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस भारत को इनोवेशन के लिए एक स्वाभाविक साझेदार मानता है और उन्होंने देश की डेमोग्राफिक खूबियों और मज़बूत टैलेंट बेस की ओर इशारा किया।
उन्होंने कहा, “तो फ्रांस के लिए भारत की इनोवेशन क्षमता पर भरोसा करना क्यों स्वाभाविक है? खैर, मैं साफ़-साफ़ कहूँ तो, आपके पास डेमोग्राफिक डिविडेंड (जनसांख्यिकीय लाभ) है।
मैक्रों ने कहा कि भारत की विशाल आबादी और शिक्षा व रिसर्च पर ज़ोर देने की वजह से कुशल पेशेवरों का एक बड़ा समूह तैयार हुआ है। उन्होंने कहा, “1.4 अरब की आबादी वाला देश, जो जानकारी, रिसर्च, ज्ञान और ट्रेनिंग पर ध्यान देता है, वहां हर साल यूरोप और अमेरिका से भी ज़्यादा—यानी दस लाख से अधिक—इंजीनियर तैयार होते हैं।”
मैक्रों ने भारत को तकनीकी प्रगति का एक प्रमुख चालक बताते हुए कहा, “हर लिहाज़ से, रिसर्च इनोवेशन और अत्याधुनिक मॉडलों वाला देश वैश्विक इनोवेशन की अगुवाई कर रहा है।” इसके बाद फ्रांस के राष्ट्रपति ने अंतरिक्ष खोज के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का ज़िक्र किया और अत्याधुनिक तकनीकों में देश के बढ़ते प्रभाव के उदाहरण के तौर पर चंद्रयान-3 का खास तौर पर ज़िक्र किया।
मैक्रों ने कहा, “अगर मुझे सिर्फ़ एक उदाहरण देना हो कि आप क्या कर सकते हैं, तो एयरस्पेस (अंतरिक्ष क्षेत्र) इसका सबसे अच्छा उदाहरण है।”उन्होंने कहा कि जुलाई 2023 में चंद्रयान-3 मिशन, जिसके तहत ISRO ने रिकॉर्ड समय और रिकॉर्ड लागत में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहली बार लैंडिंग की, यह न केवल हमारी ताकत और इनोवेशन का सबूत है, बल्कि औद्योगिक स्तर पर इसे लागू करने की हमारी क्षमता का भी प्रदर्शन है।
मैक्रों के अनुसार, चंद्र मिशन की सफलता ने भारत के प्रति अंतरराष्ट्रीय नज़रिए को बदल दिया है और एक टेक्नोलॉजी लीडर के तौर पर इसकी भूमिका को रेखांकित किया है। इसने दुनिया के कई देशों को यह देखने का मौका दिया है कि आज भारत कैसा है।” इस बात को खारिज करते हुए कि भारत सिर्फ़ आउटसोर्स्ड सेवाओं का केंद्र है, उन्होंने कहा, “यह सिर्फ़ कॉन्ट्रैक्टरों से भरा देश नहीं है। नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि यह इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के मामले में बदलाव लाने वाला देश है।
ज्ञात हो, चंद्रयान-3, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का एक ऐतिहासिक चंद्र मिशन है। इसने भारत को चंद्रमा पर सॉफ्ट-लैंडिंग करने वाला चौथा देश और चंद्रमा के अनछुए दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र तक पहुँचने वाला पहला देश बना दिया। 14 जुलाई 2023 को लॉन्च किया गया यह अंतरिक्ष यान 23 अगस्त 2023 को सफलतापूर्वक चंद्रमा पर उतरा।
प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आज नीस में संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स 2026’ सम्मेलन का उद्घाटन किया, जिसमें भारत, फ्रांस और कई अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप, इनोवेटर और वेंचर कैपिटल फंड शामिल हुए। यह हाई-प्रोफाइल इवेंट भारत, फ्रांस और दुनिया भर के टॉप इनोवेशन स्टार्टअप्स को एक साथ लाता है, साथ ही चल रहे ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ में एक अहम पड़ाव है और दोनों देशों के बीच तेज़ी से बढ़ रही टेक पार्टनरशिप को रेखांकित करता है।
14 जून से 16 जून तक चलने वाला तीन दिवसीय इनोवेशन कॉन्क्लेव, भारतीय इनोवेटर्स को ग्लोबल इन्वेस्टर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और एकेडमिक संस्थानों से जोड़ने के लिए एक सशक्त मंच के रूप में काम करता है। (इनपुट-एएनआई)


