केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन का 101 वर्ष की आयु में निधन

केरल की राजनीति के दिग्गज और वामपंथी नेता वी.एस. अच्युतानंदन का आज सोमवार को निधन हो गया। वे 101 वर्ष के थे और पिछले एक महीने से बीमार चल रहे थे। उन्हें 23 जून को कार्डियक अरेस्ट आया था, जिसके बाद उन्हें तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और सीपीआई(एम) राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन तुरंत अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद अन्य राजनीतिक नेताओं का अस्पताल पहुंचना शुरू हो गया और सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

वी.एस. अच्युतानंदन का राजनीतिक जीवन केरल की जनता के लिए प्रेरणास्रोत रहा। 2001 से 2006 तक उन्होंने विपक्ष के नेता के रूप में यूडीएफ सरकार के खिलाफ मुखरता से आवाज उठाई थी। 2006 में उन्होंने एलडीएफ को चुनाव जिताया और मुख्यमंत्री बने। उनका कार्यकाल 2011 तक रहा। 2011 में भी उन्होंने एलडीएफ का नेतृत्व किया, लेकिन इस बार ओमन चांडी की अगुवाई में यूडीएफ ने 140 में से 72 सीटें जीतकर सरकार बनाई।

वे एक जुझारू, ईमानदार और जनसरोकारों से जुड़े नेता के रूप में पहचाने जाते थे। उनकी लोकप्रियता सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं थी, बल्कि आम जनता, पहली बार वोट देने वालों और राजनीति से दूर रहने वालों के बीच भी उन्हें खास सम्मान मिला। उनका निधन केरल की राजनीति में एक युग के अंत का प्रतीक है एक ऐसा युग जिसमें विचारधारा, संघर्ष और जनसेवा प्रमुख रहे।-(IANS)

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