नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026’ में अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) ने जमीनी स्तर पर हो रहे एआई नवाचारों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। इस दौरान अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) के छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए एआई आधारित समाधान विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
समिट के तहत आयोजित ‘एआई टिंकरप्रेन्योर शोकेस’ में देशभर की 50 छात्र टीमों ने अपने एआई नवाचार प्रस्तुत किए। इन परियोजनाओं का फोकस स्वास्थ्य, कृषि, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, सुगमता और सार्वजनिक सेवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर था। यह दिखाता है कि स्कूल स्तर पर भी एआई नवाचार देश की प्राथमिकताओं के अनुरूप आगे बढ़ रहे हैं।
‘एआई टिंकरप्रेन्योर’ कार्यक्रम एआईएम की प्रमुख पहल है, जिसे इंटेल के सहयोग से लागू किया गया है। इसका उद्देश्य स्कूल छात्रों में एआई कौशल, रचनात्मकता और उद्यमिता की सोच को बढ़ावा देना है। इस वर्ष इस कार्यक्रम में 12,000 से अधिक छात्र टीमों ने भाग लिया। बहु-स्तरीय मूल्यांकन के बाद शीर्ष 50 टीमों को समिट में प्रस्तुति का अवसर मिला।
समिट का एक विशेष आकर्षण ‘एआई बाय हर’ खंड रहा, जिसमें छात्राओं ने अपने एआई समाधान साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने चुनौतियों को पार करते हुए तकनीक के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजा। उनकी परियोजनाएं खाद्य सुरक्षा, सस्ती स्वास्थ्य सेवा और स्थानीय नवाचार जैसे विषयों से जुड़ी थीं।
समिट के दौरान एक भावनात्मक क्षण तब आया जब एक ATL छात्र नवप्रवर्तक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जिम्मेदार एआई नवाचार का संकल्प लिया। यह देश के युवाओं की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
एआईएम के मिशन निदेशक दीपक बागला ने दो महत्वपूर्ण पैनल चर्चाओं में भाग लिया। उन्होंने कहा कि भारत की एआई शक्ति अलग-अलग प्रयासों से नहीं, बल्कि जुड़े हुए पारिस्थितिकी तंत्र से आएगी। स्टार्टअप, निवेशक, नीति और नवाचार के बीच मजबूत संबंध ही भारत को वैश्विक एआई नेतृत्व की ओर ले जाएंगे।
अटल टिंकरिंग लैब्स की भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत की एआई यात्रा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूलों और छोटे कस्बों तक पहुंच चुकी है। जमीनी स्तर का यह नवाचार भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को मजबूत आधार दे रहा है।


