अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (रिटायर्ड) ने मंगलवार को खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे, विशेष रूप से राज्य के दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक। राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष तारह तारक ने मंगलवार को ईटानगर स्थित लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की।
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर चर्चा
लोक भवन के एक अधिकारी के अनुसार, बैठक में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, सेवा वितरण में सुधार और यह सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचे। राज्यपाल ने खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही को महत्वपूर्ण बताया।
पीडीएस और पोषण योजनाओं के सामाजिक ऑडिट पर जोर
राज्यपाल ने आयोग को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), मिड-डे मील योजना और एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के नियमित सामाजिक ऑडिट को बढ़ावा देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सामाजिक ऑडिट से योजनाओं में मौजूद कमियों की पहचान करने, लीकेज रोकने और कल्याणकारी कार्यक्रमों में जनता का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकारी सहायता सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
डिजिटल तकनीक से सप्लाई चेन मजबूत करने का सुझाव
शासन में तकनीक की भूमिका पर जोर देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल परनाइक ने अनाज के कुशल वितरण के लिए डिजिटल टूल्स के अधिक इस्तेमाल की सिफारिश की। उन्होंने जीपीएस-सक्षम परिवहन, इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ई-पीओएस) डिवाइस, आधार-सक्षम प्रमाणीकरण और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए सप्लाई चेन के पूर्ण डिजिटलीकरण का सुझाव दिया।
चोरी रोकने और समय पर डिलीवरी पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि इन तकनीकी उपायों से पारदर्शिता बढ़ेगी, चोरी रुकेगी और पूरे राज्य में अनाज की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने खाद्य सुरक्षा को केवल अनाज की उपलब्धता तक सीमित रखने के बजाय पोषण सुरक्षा पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई।
स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा
राज्यपाल ने सरकारी पोषण कार्यक्रमों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने की वकालत की। इनमें मोटे अनाज (मिलेट्स), फल, सब्जियां, अंडे और दालें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कुपोषण से निपटने और स्वस्थ अरुणाचल प्रदेश के निर्माण के लिए बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और अन्य कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। बैठक में राज्य खाद्य आयोग के सदस्य माजी चोकर और नगासाह तंजांग भी मौजूद थे।
सैनिक स्कूल के प्रिंसिपल ने भी की मुलाकात
इस बीच, पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट स्थित सैनिक स्कूल के प्रिंसिपल कर्नल अनंत थापन ने भी लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने संस्थान के शैक्षणिक प्रदर्शन, सह-पाठ्यचर्या संबंधी उपलब्धियों, बुनियादी ढांचे के विकास, भविष्य की योजनाओं और तेजी से बदलते शैक्षिक माहौल में युवा कैडेटों को तैयार करने से जुड़ी चुनौतियों की जानकारी दी।
अनुशासन और चरित्र निर्माण पर जोर
राज्यपाल ने राष्ट्र-निर्माण के लिए प्रतिबद्ध अनुशासित, जिम्मेदार और देशभक्त नागरिक तैयार करने में सैनिक स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूलों ने सशस्त्र बलों और सार्वजनिक सेवा के अन्य क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए छात्रों को तैयार करके राष्ट्र-निर्माण में लगातार योगदान दिया है।
शारीरिक फिटनेस और शैक्षणिक उत्कृष्टता जरूरी
लेफ्टिनेंट जनरल परनाइक ने कहा कि सैनिक स्कूलों में शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, चरित्र निर्माण और शैक्षणिक उत्कृष्टता शिक्षा के मुख्य आधार बने रहने चाहिए। उन्होंने सीखने के लिए सर्वांगीण वातावरण के महत्व पर जोर देते हुए प्रिंसिपल को कैंपस को उच्चतम मानकों के अनुरूप बनाए रखने की सलाह दी।
बेहतर कैंपस से छात्रों में बढ़ता है आत्मविश्वास
राज्यपाल ने कहा कि कैंपस ऐसा होना चाहिए, जहां शैक्षणिक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और पाठ्येतर गतिविधियों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि साफ-सुथरा, अच्छी तरह से व्यवस्थित और जीवंत कैंपस छात्रों को उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है तथा उनमें जिम्मेदारी और गर्व की भावना पैदा करता है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध स्कूल
कर्नल अनंत थापन ने राज्यपाल को भरोसा दिलाया कि स्कूल अपने कैडेटों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल ईस्ट सियांग देश की सेवा के लिए समर्पित अनुशासित, आत्मविश्वासी और सक्षम युवा नागरिक तैयार करने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करता रहेगा। (इनपुट: आईएएनएस)


