1 जुलाई से ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, शिवराज ने जारी की अधिसूचना

केंद्र सरकार ने सोमवार को विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी–जी राम जी विधेयक के क्रियान्वयन की अधिसूचना जारी कर दी। यह योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कानून ग्रामीण गरीबों, श्रमिक परिवारों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आएगा। इससे आय सुरक्षा बढ़ेगी और गांवों में बड़े पैमाने पर टिकाऊ विकास कार्य होंगे।

100 की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी

भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि विकसित भारत जी-राम जी अधिनियम की अधिसूचना जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार चाहने वाले मजदूर भाई-बहनों को अब साल में 100 दिन नहीं, बल्कि 125 दिन का रोजगार मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तब तक मनरेगा के सभी मौजूदा प्रावधान लागू रहेंगे और अधूरे कार्य 1 जुलाई से पहले मनरेगा के तहत ही पूरे किए जाएंगे।

राज्यों से नियम बनाने पर जारी है चर्चा

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राज्यों से व्यापक स्तर पर सलाह-मशविरा कर नियम तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रांजिशन पीरियड में किसी भी मजदूर को रोजगार से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकांश राज्यों को आवश्यक तैयारी के लिए अधिकतम छह माह का समय दिया जाएगा। यदि कोई राज्य 1 जुलाई तक पूरी तैयारी नहीं कर पाता, तब भी 1 जुलाई के बाद कार्यों की फंडिंग विकसित भारत जी-राम जी योजना के तहत ही की जाएगी।

योजना के लिए 1.51 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए अपने बजट में 95,000 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि राज्यों ने भी अपने-अपने बजट में राशि निर्धारित की है। केंद्र और राज्यों की कुल हिस्सेदारी मिलाकर यह राशि 1,51,000 करोड़ रुपए से अधिक होगी।

डीबीटी से होगा भुगतान, देरी पर मिलेगा मुआवजा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मजदूरों को भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक या डाकघर खातों में किया जाएगा। सरकार की कोशिश होगी कि तीन दिन के भीतर भुगतान हो जाए, जबकि अधिकतम 15 दिन के भीतर राशि खातों में पहुंचाना अनिवार्य रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर भुगतान नहीं हुआ तो मजदूर विलंबित भुगतान के पात्र होंगे और देरी होने पर अतिरिक्त राशि भी देनी पड़ेगी।

रोजगार नहीं मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यदि मांगने पर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1.51 लाख करोड़ रुपए से अधिक की वार्षिक राशि से गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बड़े काम किए जाएंगे।

गांवों में सड़क, पुल और जल संरक्षण पर जोर

उन्होंने बताया कि योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, सड़क, पुल, पुलिया, स्कूल, आंगनवाड़ी भवन और खेतों से जुड़े जरूरी कार्य कराए जाएंगे। आजीविका आधारित कार्यों के तहत स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ के लिए वर्किंग शेड जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसके अलावा बाढ़ और जलभराव वाले क्षेत्रों में रिटेनिंग वॉल जैसे कार्य भी योजना में शामिल होंगे।

प्रशासनिक खर्च बढ़ाकर 9% किया गया

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योजना में काम करने वाले कर्मचारियों और कर्मियों को समय पर पर्याप्त वेतन मिले, इसके लिए प्रशासनिक व्यय को 6% से बढ़ाकर 9% कर दिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह योजना मजदूरों के जीवन में नए सवेरे की शुरुआत करेगी और विकसित गांवों के जरिए विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगी। (इनपुट: आईएएनएस)