उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय देश का अन्नदाता किसान कर्ज, बढ़ती लागत, प्राकृतिक आपदाओं और उपज के उचित मूल्य के अभाव से जूझ रहा था, लेकिन पिछले नौ वर्षों में केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों ने कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि अब किसानों को उनकी उपज का लागत मूल्य का डेढ़ गुना तक पारिश्रमिक मिल रहा है।
गोरखपुर में खरीफ उत्पादकता गोष्ठी का शुभारंभ
बुधवार को गोरखपुर में आयोजित संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को कर्जमुक्त करने, उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं।
किसानों की समस्याओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से 2014 के बीच देश में लाखों किसानों ने आत्महत्या की थी। इसके पीछे गुणवत्तापूर्ण बीजों की कमी, खेती की बढ़ती लागत, कम उत्पादन, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ न मिलना और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था का अभाव प्रमुख कारण थे। उन्होंने कहा कि किसान कठिन परिश्रम से फसल तैयार करता था, लेकिन उसे अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था, जिससे कृषि क्षेत्र लगातार संकट में फंसता चला गया।
पहली कैबिनेट में लिया गया कर्जमाफी का निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार गठन के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में किसानों की कर्जमाफी का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इससे लाखों छोटे और सीमांत किसानों को राहत मिली और उन्हें नए सिरे से खेती करने का अवसर प्राप्त हुआ।
सरकारी खरीद केंद्रों का किया गया विस्तार
सीएम योगी ने कहा कि पहली बार उत्तर प्रदेश में यह सुनिश्चित किया गया कि किसानों को उनकी उपज का लागत मूल्य का डेढ़ गुना तक पारिश्रमिक मिले। इसके लिए प्रदेशभर में सरकारी क्रय केंद्रों का व्यापक नेटवर्क स्थापित किया गया, जहां किसानों की उपज की सीधे खरीद की व्यवस्था की गई।
सिंचाई परियोजनाओं से बढ़ी कृषि क्षमता
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता रही है। दशकों से लंबित बाण सागर परियोजना, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना और बुंदेलखंड क्षेत्र की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में लगभग 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
आधुनिक कृषि तकनीकों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खरीफ उत्पादकता गोष्ठी जैसे कार्यक्रम आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक खेती की जानकारी किसानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। (इनपुट: आईएएनएस)


