नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘एआई इंपैक्ट समिट 2026’ में केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बिजली मंत्रालय के पवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत भविष्य के लिए तैयार, कुशल और मजबूत बिजली क्षेत्र बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग कर रहा है।
पवेलियन का मुख्य विषय “मेगावॉट्स से मेगाबाइट्स तक: भारत के बिजली तंत्र का रूपांतरण” रखा गया है। इसमें दिखाया गया है कि डिजिटल तकनीकें किस तरह बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण प्रणाली को आधुनिक बना रही हैं।
पवेलियन में कई प्रमुख पहलें प्रदर्शित की गईं। ‘एआई आधारित पावर फॉर आत्मनिर्भर भारत’ के तहत स्मार्ट संचालन और बेहतर निर्णय प्रक्रिया को दिखाया गया। स्टार्टअप ज़ोन में ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रहे नवाचारों को मंच दिया गया।
पावरग्रिड की ‘पीजी-अमृत’ पहल के जरिए ट्रांसमिशन संपत्तियों की निगरानी और संचालन क्षमता बढ़ाने में एआई का उपयोग दिखाया गया। वहीं ‘ई-आभास’ प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के माध्यम से बांधों और बैराज के लिए रीयल-टाइम निगरानी और बाढ़ पूर्वानुमान की सुविधा प्रस्तुत की गई।
आरडीएसएस के तहत एआई आधारित तकनीकों से वितरण कंपनियों की कार्यक्षमता और राजस्व प्रबंधन सुधारने के प्रयासों को भी प्रदर्शित किया गया।
मंत्री ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के स्टॉल का भी दौरा किया। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार ने बताया कि एआई की मदद से यात्रियों की शिकायतों का तेज निवारण संभव हो रहा है। रखरखाव के क्षेत्र में ओवरहेड विद्युतीकरण, पैंटोग्राफ प्रणाली, व्हील ग्राइंडिंग और सिग्नलिंग की निगरानी में भी एआई का उपयोग किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, बिजली मंत्रालय का पवेलियन दर्शाता है कि एआई तकनीक के जरिए भारत अपने ऊर्जा क्षेत्र को अधिक भरोसेमंद, कुशल और टिकाऊ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


