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FSSAI ने फूड कंपनियों को सिखाए लेबलिंग नियम, उपभोक्ता स्वास्थ्य पर बढ़ा फोकस

पैकेज्ड फूड को लेकर बढ़ती चिंता के बीच भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फूड कारोबारियों को लेबलिंग, डिस्प्ले, विज्ञापन और प्रोडक्ट से जुड़े दावों के नियमों की जानकारी दी।

FSSAI ने शुक्रवार को बताया कि उसने फूड बिजनेस ऑपरेटरों (FBOs) के लिए एक ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया। इसमें बड़ी संख्या में खाद्य कारोबार से जुड़े लोग शामिल हुए।

इस ट्रेनिंग का नाम ‘Understanding Labelling & Display and Advertising & Claims Regulations’ था। इसका मकसद कारोबारियों को खाद्य उत्पादों की लेबलिंग और विज्ञापन से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन करने के बारे में जानकारी देना था।

ज्यादा चीनी, नमक और फैट वाले फूड पर नजर

यह ट्रेनिंग ऐसे समय में हुई है जब ज्यादा मात्रा में चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट वाले पैकेज्ड फूड पर साफ पोषण जानकारी और चेतावनी लेबल लगाने की मांग को लेकर चर्चा तेज है।

पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल लागू करने में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी केंद्र सरकार और FSSAI से सवाल कर चुका है।

कोर्ट ने साफ कहा है कि जनस्वास्थ्य, खासकर बच्चों की सेहत से समझौता नहीं किया जा सकता।

उपभोक्ताओं को खरीदारी से पहले मिलेगी जानकारी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि खाद्य पैकेट के सामने स्पष्ट चेतावनी होने से उपभोक्ताओं को उत्पाद खरीदने से पहले बेहतर और सही फैसला लेने में मदद मिल सकती है।

सुनवाई के दौरान कंपनियों के कारोबार पर चेतावनी लेबल के संभावित असर की चिंता भी सामने आई। इस पर कोर्ट ने कहा कि किसी उत्पाद को खरीदने या न खरीदने का अंतिम फैसला उपभोक्ता का होता है। कारोबारी हितों को जनस्वास्थ्य से ऊपर नहीं रखा जा सकता।

केंद्र से मांगी गई लेबलिंग व्यवस्था की जानकारी

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित लेबलिंग फ्रेमवर्क की जानकारी मांगी है। सरकार को इस मामले में जवाब देने के लिए समय भी दिया गया है। कोर्ट ने संकेत दिया है कि अगर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आगे जरूरी निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

इससे पहले केंद्र सरकार ने कहा था कि पैकेजिंग और पोषण संबंधी चेतावनियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लागू करने में कुछ व्यावहारिक चुनौतियां हैं।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि भारत में मजबूत जनस्वास्थ्य सुरक्षा उपाय लागू करने में देरी के लिए विदेशी मानकों को कारण नहीं बनाया जा सकता।

FSSAI की ओर से आयोजित यह ट्रेनिंग खाद्य कारोबारियों को नियमों की जानकारी देने और पैकेज्ड फूड के बारे में उपभोक्ताओं तक सही जानकारी पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

-PIB

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