Print

पैकेज्ड फूड पर सख्त चेतावनी लेबल के लिए तैयार FSSAI, सुप्रीम कोर्ट में जताई सहमति

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह पैकेज्ड फूड उत्पादों पर शुरुआत से ही सख्त चेतावनी लेबल लागू करने के लिए तैयार है। यह बयान फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग को दो चरणों में लागू करने के प्रस्ताव पर उठ रहे सवालों के बीच आया है।

FSSAI ने पिछले महीने पैकेज्ड खाद्य उत्पादों के लिए लाल रंग के हेक्सागोन आकार के चेतावनी लेबल का प्रस्ताव रखा था। यह लेबल उन उत्पादों पर लगाए जाने थे, जिनमें तय सीमा से अधिक मात्रा में कम से कम दो श्रेणियों—एडेड शुगर, नमक और सैचुरेटेड फैट—में से सामग्री मौजूद हो।

प्राधिकरण ने लेबलिंग नियमों को दूसरे चरण में और सख्त करने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, इस दो-चरणीय व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई थी। उनका कहना था कि शुरुआती नियम अपेक्षाकृत नरम होने के कारण उपभोक्ताओं को स्पष्ट स्वास्थ्य चेतावनी मिलने में देरी हो सकती है।

एक ही सामग्री सीमा से अधिक होने पर भी लेबल पर विचार

गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI से दो चरणों में नियम लागू करने के पीछे के तर्क पर सवाल किया। इसके बाद FSSAI ने अदालत को बताया कि वह शुरुआत से ही सख्त चेतावनी लेबल लागू करने पर विचार करने के लिए तैयार है।

इसमें ऐसे उत्पादों पर भी चेतावनी लेबल लगाने का विकल्प शामिल है, जिनमें इन तीन में से किसी एक—एडेड शुगर, नमक या सैचुरेटेड फैट—की मात्रा तय सीमा से अधिक हो।

बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट गंभीर

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, खासकर बढ़ते बच्चों के स्वास्थ्य को।

जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, “हम लोगों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं, खासकर बढ़ते बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर।”

पीठ ने कहा कि इस मामले में सभी हितधारकों को सहयोग करना चाहिए, क्योंकि यह राष्ट्रीय हित से जुड़ा विषय है।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से गुरुवार को बाद में जारी होने वाले आदेश का अध्ययन करने और अपनी सुझाव देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।

-(इनपुटः IANS)