भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय ने उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात के वडोदरा स्थित एक अल्कलाइन वाटर निर्माता के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। जांच में उत्पाद में गैर-अनुमोदित तत्वों के इस्तेमाल और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है।
यह कार्रवाई फूड सेफ्टी कनेक्ट पोर्टल पर दर्ज एक उपभोक्ता शिकायत के बाद की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान नहीं कर रहा है। इसके बाद एफएसएसएआई अधिकारियों ने गुजरात के सावली, वडोदरा स्थित निर्माण इकाई का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। पैकेजिंग के सामने उत्पाद का नाम नहीं था, सामग्री का विवरण गायब था और तैयार उत्पाद में काले रंग के कण दिखाई दिए। तकनीकी जांच में उत्पाद में काले-भूरे रंग का असामान्य परिवर्तन, तलछट की मौजूदगी और प्राथमिक तथा द्वितीयक पैकेजिंग के विवरण में विरोधाभास पाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने लगभग 31 लाख 61 हजार रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त कर लिया और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई शुरू की।
प्रयोगशाला जांच में उत्पाद में फुल्विक एसिड की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जो वर्तमान एफएसएसएआई नियमों के तहत अनुमोदित नहीं है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि यह तत्व पानी में स्वाभाविक रूप से मौजूद नहीं था, बल्कि काले खनिज पदार्थ मिलाने के कारण इसमें आया था। इसे खाद्य सुरक्षा मानकों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है।
एफएसएसएआई ने कहा है कि देश में उपलब्ध सभी खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्राधिकरण ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध खाद्य उत्पाद या अनियमितता की जानकारी फूड सेफ्टी कनेक्ट पोर्टल के माध्यम से साझा करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।


