केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को निर्यात संवर्धन परिषदों (EPCs) के प्रमुखों के साथ बैठक कर भारतीय निर्यात बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि बैठक में अलग-अलग सेक्टर की प्राथमिकताओं पर बात हुई और यह समझने की कोशिश की गई कि ज्यादा से ज्यादा भारतीय कंपनियां वैश्विक बाजार में कैसे पहुंच बना सकती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में भारत द्वारा किए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का लाभ उठाकर निर्यात को बढ़ाने और नए बाजार खोलने के रास्तों पर भी चर्चा हुई।
इससे पहले, Piyush Goyal ने भारत-New Zealand FTA को लेकर कहा था कि इससे दोनों देशों के कारोबार को नए मौके मिलेंगे, वैल्यू चेन मजबूत होगी और आर्थिक संबंध और गहरे होंगे।
नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-न्यूज़ीलैंड बिजनेस फोरम में उन्होंने बताया कि भारत का बड़ा बाजार, कुशल मानव संसाधन, डिजिटल क्षमता और मैन्युफैक्चरिंग ताकत, न्यूज़ीलैंड की एग्री-टेक, क्लीन एनर्जी और फिनटेक विशेषज्ञता के साथ मिलकर बेहतर सहयोग के अवसर पैदा करती है।
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मौजूदा व्यापार करीब 1.3 अरब डॉलर (सामान) और 634 मिलियन डॉलर (सेवाएं) का है, जिसे अगले पांच वर्षों में 5 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा, इस FTA के तहत न्यूज़ीलैंड अगले 15 साल में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश भी करेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बदलते व्यापार माहौल के बीच यह समझौता भारत की रणनीति को मजबूत करता है, जिससे वह नए बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ा सके और सप्लाई चेन को अधिक मजबूत बना सके।
-(इनपुटःएजेंसी)


