प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देश की जनता से विदेशी सामान नहीं खरीदने की अपील की और साथ ही आत्मनिर्भरता पर जोर देने की अपील की। पीएम मोदी ने चीन का बिना नाम लिए ही कड़ा संदेश भी दे दिया और साथ ही जनता के समझा भी दिया कि स्वदेशी समान का इस्तेमाल क्यों करें।
पीएम मोदी ने कहा-अब हम कोई विदेशी चीज का इस्तेमाल नहीं करेंगे
‘गुजरात शहरी विकास योजना’ के 20वीं वर्षगांठ समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सैन्य बल की ताकत से शुरू हुआ था। अब यह जनबल से आगे बढ़ेगा। यानी जनबल का मेरा मतलब होता है जन-जन देश के विकास के लिए भागीदार बनें। हम इतना तय कर लें कि 2047 जब भारत की आजादी के 100 साल होंगे। विकसित भारत बनाने के लिए तत्काल भारत की अर्थव्यवस्था को चौथे से तीसरे स्थान पर ले जाने के लिए, अब हम कोई विदेशी चीज का इस्तेमाल नहीं करेंगे। हम गांव-गांव में व्यापारियों को शपथ दिलवाएं, व्यापारियों को कितना भी मुनाफा क्यों न हो, आप विदेशी माल नहीं बेचोगे। लेकिन, दुर्भाग्य देखिए, गणेश जी भी विदेश से आ जाते हैं, वो भी छोटी आंख वाले गणेश जी, गणेश जी की आंख भी नहीं खुल रही है। होली के लिए रंग और पिचकारी भी विदेश से आती है।
पीएम मोदी ने बिना नाम लिए चीन को संदेश देने की कोशिश की, क्योंकि चीनी उत्पाद त्योहारी सीजन में धड़ल्ले से भारत के बाजारों में बिकते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर 140 करोड़ नागरिकों की भी जिम्मेदारी
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के लिए मुझे एक नागरिक के नाते काम करना है। आप घर में जाकर सूची बनाएं। आपके घर में 24 घंटे में कितनी विदेशी चीजों का इस्तेमाल होता है। घरों में हेयरपिन, टूथपिक तक विदेशी चीजें पहुंच रही हैं। हमें मालूम तक नहीं है। देश को बचाना और बनाना है तो ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ सैनिक की जिम्मेदारी नहीं है, ऑपरेशन सिंदूर 140 करोड़ नागरिकों की भी जिम्मेदारी है।
हमें मेड इन इंडिया पर गर्व होना चाहिए
उन्होंने कहा कि आज से 20-25 साल पहले कोई विदेश से आता था तो उनको लिस्ट भेजते थे कि ये सामान ले आना। आज जो विदेश से आते हैं, वो पूछते हैं कुछ लाना है। तो इधर वाले कहते हैं कि यहां सब उपलब्ध है, कुछ मत लाओ। हमें मेड इन इंडिया पर गर्व होना चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर सैन्य बल से शुरू हुआ था और अब इसे जन बल से सफल बनाना है।
गांधीनगर के लोग बोले- ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाएंगे
वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी को सुनने और देखने सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। पीएम मोदी ने एक बार फिर जो आज यहाँ ‘वोकल फॉर लोकल’ का मंत्र दिया। इस पर गांधीनगर वासियों ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें काफी प्रेरित किया है। आपको बता दें, कार्यक्रम में पीएम मोदी को सुनने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। कुछ लोगों ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने प्रण लिया है कि वे जन-जन में वोकल फॉर लोकल अभियान को घर-घर पहुंचाएंगे। विदेशी सामानों का इस्तेमाल न करते हुए स्वदेशी को अपनाएंगे।
पीएम मोदी के संबोधन से बहुत कुछ सीखने को मिला
प्रियंका ने कहा, “पीएम मोदी के संबोधन से बहुत कुछ सीखने को मिला है। उन्होंने बताया कि अगर किसी काम को करने के पीछे चुनौतियां आती हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। उस काम को पूरी ईमानदारी से करने की जरूरत है। सफलता एक दिन आपको जरूर मिलेगी।” अनीता भानुशाली ने कहा कि हमें पीएम मोदी की नीतियों पर खुद से ज्यादा भरोसा है। जब भारत-पाक के बीच तनाव था तो कच्छ में माहौल ठीक नहीं था। लेकिन, हमें पीएम पर भरोसा था कि हमें कुछ नहीं होगा।
हमें अपनी भारतीय सेना के शौर्य पर गर्व की अनुभूति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने पहुंची मनीषा भानुशाली ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कही गई बातों को प्रेरक माना। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया, इससे हमें काफी प्रेरणा मिली। हमें अपनी भारतीय सेना के शौर्य पर गर्व की अनुभूति हुई है।”
हमने प्रण लिया है कि आज से विदेशी सामानों का इस्तेमाल नहीं करेंगे
एक स्थानीय ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पीएम दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। अपने दौरे के दौरान करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कई बातों का जिक्र किया है। वोकल फॉर लोकल मुझे काफी प्रेरित कर रहा है। हमने प्रण लिया है कि आज से विदेशी सामानों का इस्तेमाल नहीं करेंगे बल्कि, स्वदेशी सामानों का इस्तेमाल किया जाएगा।
जिग्ना ने कहा कि पीएम मोदी की सारी बातें अच्छी लगती हैं। भारत तेजी से प्रगति कर रहा है। पीएम ने स्वदेशी चीजों को अपनाने की अपील की है। यह संदेश हम घर-घर लेकर जाएंगे। (इनपुट-आईएएनएस)


