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गाज़ा में सन्नाटा टूटा, युद्ध विराम के बाद विस्थापित फिलिस्तीनी घर वापसी की ओर 

गाजा में युद्धविराम लागू होते ही कुछ ही मिनटों में विस्थापित फ़िलिस्तीनी फिर से उत्तर की ओर लौटने लगे हैं। संयुक्त राष्ट्र की मानवीय संस्था (ओसीएचए) ने यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने बताया कि शुक्रवार को जब लोग उत्तर की ओर बढ़ने लगे तो इजरायली टैंकों ने तट के किनारे अल राशिद रोड को अवरुद्ध कर दिया।

ओसीएचए ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और उसकी मानवीय साझेदार संस्थाएं राहत कार्यों को तेज़ी से बढ़ाने के लिए तैयार हैं

ओसीएचए ने कहा, “कुछ लोग जो गाजा शहर पहुंचने में कामयाब हो गए थे, उन्होंने बताया कि वापस लौटने पर उनके घरों को और नुकसान पहुंचा था।” ओसीएचए ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और उसकी मानवीय साझेदार संस्थाएं राहत कार्यों को तेज़ी से बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

ओसीएचए ने युद्ध विराम का समर्थन करने वाले सभी देशों से अपील की कि वे राहत कार्यों में कोई रुकावट न आने दें

ओसीएचए ने कहा कि दो साल से जारी युद्ध के बाद गाज़ा की सड़कों, इमारतों और ज़रूरी ढांचे की मरम्मत बहुत ज़रूरी है ताकि सामान्य जीवन फिर से शुरू हो सके। ओसीएचए ने युद्ध विराम का समर्थन करने वाले सभी देशों से अपील की कि वे राहत कार्यों में कोई रुकावट न आने दें।

संघर्ष में शामिल सभी पक्षों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जरूरतमंद लोगों तक मानवीय सहायता जल्दी और बिना बाधा के पहुंच सके

ओसीएचए ने कहा कि संघर्ष में शामिल सभी पक्षों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जरूरतमंद लोगों तक मानवीय सहायता जल्दी और बिना बाधा के पहुंच सके। “सहायता का प्रवाह बड़े पैमाने पर होना चाहिए ताकि हर जरूरतमंद तक राहत पहुंचे और लोगों की पीड़ा कम हो,” संस्था ने कहा।

UN ने कहा, गाज़ा में राहत सामग्री की आपूर्ति पर इज़राइल से बातचीत जारी है

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि इस बारे में स्पष्टता हासिल करने के लिए इजरायली अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही है कि संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी गाजा में क्या, कितना और किन पहुंच बिंदुओं के जरिए ला पाएंगे।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 1,70,000 मीट्रिक टन राहत सामग्री और आवश्यक वस्तुएं भेजे जाने के लिए तैयार हैं

उन्होंने कहा, “बीते गुरुवार से शुक्रवार के बीच सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब बंदूकें खामोश हो गई हैं। इससे राहत कर्मियों के लिए काम करना सुरक्षित हुआ है। हम पूरी व्यवस्था के साथ काम कर रहे हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि जो भी सहायता पाइपलाइन में है और जो पहुंचने के लिए तैयार है, उसे पहुंचाया जाए।” संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 1,70,000 मीट्रिक टन राहत सामग्री और आवश्यक वस्तुएं भेजे जाने के लिए तैयार हैं।(इनपुट-आईएएनएस)

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