प्रतिक्रिया | Thursday, May 23, 2024

19/04/24 | 10:06 pm | Genral election 2024

आम चुनाव 2024 : भीषण गर्मी के बावजूद वोटरों ने जमकर किया मतदान, पहली बार शोम्पेन जनजातियों ने वोट डाल रचा इतिहास

आम चुनाव 2024 के पहले चरण के मतदान में भीषण गर्मी के बावजूद भारी मतदान दर्ज किया गया। मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा और विभिन्न क्षेत्रों के मतदाताओं ने अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए उत्साहपूर्वक मतदान में भाग लिया।

आम चुनाव 2024 के पहले चरण में, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश की राज्य विधानसभाओं के लिए मतदान के साथ-साथ 18वीं लोकसभा के चुनाव के लिए 21 राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों में मतदान पूरा हो गया है।

पहले चरण में 60 से अधिक मतदान

चुनाव आयोग ने पहले चरण के मतदान के बाद मतदाताओं और पूरी चुनाव मशीनरी को धन्यवाद दिया।शाम 7 बजे तक 21 राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों में मतदान 60 प्रतिशत से अधिक बताया जा रहा है। बहरहाल अंतिम आंकड़े कल पता चलेंगे।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्त (ईसी) ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू के नेतृत्व में आयोग ने निर्वाचन सदन में ईसीआई मुख्यालय से सभी निर्वाचन क्षेत्रों में चरण 1 में मतदान की प्रगति की लगातार निगरानी की। इसके लिए मुख्यालय में एक अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया और राज्य/जिला स्तर पर भी ऐसे ही नियंत्रण कक्ष बनाये गये।

चुनाव व्यापक तौर पर शांतिपूर्ण और अनुकूल माहौल में देश के मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस पर्व पर बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। भीड़-भाड़ वाले शहरी केंद्रों से लेकर दूरदराज के गांवों तक मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भागीदारी देखी गई। आयोग और उसके अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में सावधानीपूर्वक योजना व कार्यान्वयन के आधार पर निर्बाध मतदान की व्यवस्था की गई थी।

बस्तर के 56 गांवों के वोटरों ने पहली बार अपने ही गांव में बने मतदान केंद्र पर डाले वोट

जनजातीय इलाकों में मतदान की सुविधा पर आयोग ने विशेष ध्यान रखा छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में समुदायों ने शांति और लोकतंत्र का रास्ता चुनते हुए, बुलेट के बजाय बैलट (मतपत्र) की शक्ति को अपनाया। लोकसभा चुनाव में बस्तर के 56 गांवों के मतदाताओं ने पहली बार अपने ही गांव में बने मतदान केंद्र पर वोट डाले।

बीजापुर के मॉडल मतदान केंद्र पीसी-163 में मतदाताओं को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाया। तो वहीं गढ़चिरौली- चिमुर, महाराष्ट्र से एक अन्य उदाहरण में हेमलकासा बूथ पर स्थानीय जनजातीय बोली का उपयोग किया गया था, जिसमें सभी संबंधित विवरण शामिल था। बिहार के बोधगया में, बौद्ध भिक्षुओं को मुस्कुराते हुए और अपनी उंगलियों वोट के निशान को दिखाते हुए सेल्फी खिंचवाई।

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में आदिवासी समुदाय के मतदाता बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए अपने घरों से बाहर निकले। ग्रेट निकोबार की शोम्पेन जनजाति ने आमचुनाव-2024 में पहली बार वोट डालकर इतिहास रच दिया। मिजोरम में, एक बुजुर्ग जोड़े ने एक साथ मतदान करने का अपना संकल्प दोहराया। अरुणाचल प्रदेश में एक बुजुर्ग महिला घर पर मतदान की सुविधा होने के बावजूद अपनी इच्छा से पैदल चलकर मतदान केंद्र तक पहुंची।

देश के अधिकांश हिस्सों में मतदाताओं ने उमस भरी गर्मी का सामना करते हुए मतदान किया, जबकि अन्य हिस्सों में मतदाता भारी बारिश के बीच धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर ईसीआई द्वारा दी गई सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं उनके लिए बहुत मददगार रहीं। निर्वाचन आयोग, आम चुनाव 2024 के बाद के चरणों में एक सुचारू, पारदर्शी और समावेशी चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रहा है।

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आखरी अपडेट: 23rd May 2024