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2030 तक भारत को ग्लोबल लाइव इवेंट हब बनाने की तैयारी, सरकार ने तेज किए सुधार

सरकार ने लाइव इवेंट सेक्टर को आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, पर्यटन और सांस्कृतिक संवर्धन का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हुए वर्ष 2030 तक भारत को वैश्विक लाइव इवेंट्स का प्रमुख केंद्र बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी उद्देश्य से जुलाई 2025 में लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल (एलईडीसी) का गठन किया गया था। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव इसकी अध्यक्षता करते हैं और इसमें केंद्र व राज्य सरकारों, उद्योग संगठनों तथा अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

चार बैठकों में कई अहम फैसले

एलईडीसी की अब तक चार बैठकें 26 अगस्त 2025, 16 अक्टूबर 2025, 4 फरवरी 2026 और 30 अप्रैल 2026 को आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, कारोबार सुगम बनाने और लाइव इवेंट उद्योग के लिए मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने पर कई फैसले लिए गए।

तैयार हुआ कार्यान्वयन ढांचा

एलईडीसी ने लाइव इवेंट सेक्टर के विकास के लिए व्यापक कार्यान्वयन ढांचा तैयार कर सभी हितधारकों को उपलब्ध कराया है। इसके तहत विभिन्न सुधारों को लागू करने की रणनीति तय की गई है।

इंडिया सिने हब पोर्टल पर ऑनलाइन अनुमति व्यवस्था

लाइव इवेंट्स की अनुमति के लिए इंडिया सिने हब (आईसीएच) पोर्टल पर ऑनलाइन प्रणाली शुरू की गई है। इसके जरिए आवेदन, समन्वय, मंजूरी, भुगतान और निरीक्षण जैसी पूरी प्रक्रिया एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसमें समयबद्ध निपटान, रियल टाइम ट्रैकिंग, देरी की सूचना, डिजिटल भुगतान और डिजिटल ऑडिट ट्रेल जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।

29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने नोडल अधिकारी नियुक्त किए

अब तक 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने आईसीएच पोर्टल पर लाइव इवेंट्स की अनुमति के लिए अपने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है।

मॉडल लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क लागू करने की पहल

एलईडीसी ने “भारत में लाइव इवेंट्स के लिए लाइसेंस और अनुमतियों को सुव्यवस्थित करने हेतु मॉडल कार्यकारी आदेश, 2026” तैयार कर 13 मार्च 2026 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा। अब तक तीन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने इसे लागू भी कर दिया है।

224 विरासत स्थलों पर आयोजन का रास्ता

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने संरक्षित स्मारकों में लाइव कार्यक्रमों के आयोजन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की है। साथ ही ऐसे 224 विरासत स्थलों की सूची भी साझा की गई है, जहां निर्धारित नियमों के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

ग्रीनफील्ड वेन्यू पॉलिसी पर काम

ग्रीनफील्ड वेन्यू डेवलपमेंट पॉलिसी के लिए अवधारणा नोट तैयार कर राज्य सरकारों, खेल प्राधिकरणों और उद्योग से जुड़े हितधारकों को भेजा गया है, ताकि आधुनिक लाइव इवेंट स्थलों का विकास किया जा सके।

लाइव इवेंट्स के लिए शुरू होंगे विशेष कोर्स

कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एक समिति गठित की गई है। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) ने मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल्स काउंसिल (एमईएससी) और इवेंट एंड एंटरटेनमेंट मैनेजमेंट एसोसिएशन (ईईएमए) के सहयोग से लाइव इवेंट्स में सर्टिफिकेट और अल्पकालिक पाठ्यक्रम शुरू करने तथा मौजूदा कार्यक्रमों में वैकल्पिक मॉड्यूल जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।

वीजा, लाइसेंसिंग और कर व्यवस्था पर भी फोकस

एलईडीसी ने विदेशी कलाकारों और क्रू के लिए वीजा एवं एफआरआरओ सुविधा, खेल और विरासत स्थलों के उपयोग, संगीत लाइसेंसिंग, रात 10 बजे के बाद कार्यक्रमों की अनुमति, कराधान और वित्तीय पहुंच जैसी चुनौतियों की पहचान कर संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ साझा किया है।

आरबीआई ने हटाई बैंक गारंटी की अनिवार्यता

एलईडीसी की सिफारिश पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 15 जनवरी 2026 को अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंधन विनियम, 2026 के तहत सेवाओं के आयात के लिए 500,000 अमेरिकी डॉलर या उससे अधिक के अग्रिम प्रेषण पर बैंक गारंटी देने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी।

लोकसभा में दी गई जानकारी

यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में एक गैर-तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। (इनपुट: पीआईबी)