प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों का प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन, उद्यमिता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, आवास, खेल, विज्ञान और शासन जैसे क्षेत्रों में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण पर आधारित हैं प्रयास
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार के सभी प्रयास गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण के सिद्धांतों पर आधारित हैं। इन पहलों ने ऐसा वातावरण तैयार करने में मदद की है, जहां महिलाएं अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकें और राष्ट्र निर्माण में अधिक प्रभावी योगदान दे सकें। उन्होंने #12YearsOfNariShakti का उल्लेख करते हुए महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया।
विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी
नरेंद्र मोदी ने विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नए अवसरों के द्वार खोल रही है और देश के विकास परिदृश्य को नई दिशा दे रही है।
स्वयं सहायता समूहों को मिल रहा सक्रिय समर्थन
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय रूप से समर्थन दे रही है। उन्होंने बताया कि ये समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
नारी शक्ति को बताया राष्ट्र निर्माण की आधारशिला
पीएम मोदी ने संस्कृत का एक सुभाषित साझा करते हुए कहा कि भारत की नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि देश की माताएं, बहनें और बेटियां अपनी प्रतिभा, परिश्रम और कौशल से हर क्षेत्र में भारत का गौरव बढ़ा रही हैं। उन्होंने संस्कृत श्लोक उद्धृत किया—”नारी त्रैलोक्यजननी नारी त्रैलोक्यरूपिणी। नारी त्रिभुवनाधारा नारी शक्तिस्वरूपिणी॥” प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका अर्थ है कि स्त्री तीनों लोकों की जननी, उनकी अभिव्यक्ति, संपूर्ण ब्रह्मांड का आधार और शक्ति का वास्तविक स्वरूप है। (इनपुट: पीआईबी)


