केंद्र सरकार ने कहा है कि नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (नमस्ते) योजना के तहत देशभर में 89,915 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों का सत्यापन किया गया है। साथ ही, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 87,037 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट वितरित की गई हैं। सरकार का उद्देश्य जोखिम भरे मैनुअल स्वच्छता कार्यों को समाप्त कर सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई का पूर्ण मशीनीकरण सुनिश्चित करना है।
लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि नमस्ते योजना के माध्यम से स्वच्छता कर्मियों की कार्यस्थल सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका सहायता को मजबूत किया जा रहा है, ताकि उन्हें सुरक्षित और गरिमापूर्ण कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
नए सर्वे में नहीं मिला कोई मैला ढोने वाला
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2013 और 2018 में मैला ढोने वाले व्यक्तियों की पहचान के लिए सर्वेक्षण किए गए थे। वर्ष 2018 के सर्वे में 14 राज्यों में 44,217 मैला ढोने वाले व्यक्तियों की पहचान हुई थी। इसके बाद मैला ढोने वाले व्यक्तियों के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के तहत देशभर में नया सर्वे कराया गया, जिसमें कोई भी मैला ढोने वाला व्यक्ति नहीं पाया गया। सरकार ने इसे मैला ढोने की प्रथा के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस हैं आपातकालीन इकाइयां
सरकार के अनुसार, नमस्ते योजना के तहत स्थापित आपातकालीन स्वच्छता इकाइयों को सुरक्षा हेलमेट, टॉर्च, सुरक्षा ट्राइपॉड, एक्सियल फैन ब्लोअर, एंटी-स्टैटिक कंड्यूट, फुल बॉडी वाडर सूट और मल्टी गैस डिटेक्टर जैसे आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। अब तक देशभर में 753 सुरक्षा उपकरण सेट आपातकालीन इकाइयों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
योजना पर लगातार बढ़ रहा खर्च
मंत्री ने बताया कि नमस्ते योजना एक केंद्रीय योजना है, इसलिए इसमें राज्यवार धन आवंटन का प्रावधान नहीं है। योजना के तहत वर्ष 2023-24 में 30.06 करोड़ रुपए, वर्ष 2024-25 में 47.625 करोड़ रुपए, वर्ष 2025-26 में 97.6791 करोड़ रुपए और वर्ष 2026-27 में अब तक 28.30 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। इसी अवधि में क्रमशः 30.06 करोड़ रुपए, 35.64 करोड़ रुपए, लगभग 97.6791 करोड़ रुपए और लगभग 12.45 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं।
मशीनीकरण और सुरक्षा पर सरकार का जोर
सरकार ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय स्वच्छता कर्मियों को आधुनिक मशीनीकृत उपकरण, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नमस्ते योजना के माध्यम से जोखिम भरे मैनुअल स्वच्छता कार्यों को समाप्त करने और देशभर में स्वच्छता कार्यों के पूर्ण मशीनीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। (इनपुट: पीआईबी)


