केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026–27 प्रस्तुत किया। कुल केंद्रीय बजट में जेंडर बजट का हिस्सा वित्त वर्ष 2025–26 के 8.86% से बढ़कर वित्त वर्ष 2026–27 में 9.37% हो गया है।
वित्त वर्ष 2026–27 के जेंडर बजट विवरण में महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए 5.01 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह वित्त वर्ष 2025–26 के 4.49 लाख करोड़ रुपये के आवंटन की तुलना में 11.55% की वृद्धि है।
इस वर्ष कुल 53 मंत्रालयों/विभागों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने आवंटन की सूचना दी है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में 49 मंत्रालयों/विभागों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने आवंटन की सूचना दी थी। जीबीएस की शुरुआत से लेकर अब तक मंत्रालयों/विभागों द्वारा रिपोर्टिंग की यह सबसे अधिक संख्या है। चार नए मंत्रालयों/विभागों ने जीबीएस वित्त वर्ष 2026-27 में आवंटन की सूचना दी है।
इन 53 मंत्रालयों/विभागों और 05 केंद्र शासित प्रदेशों ने जेंडर बजट स्टेटमेंट के भाग ए, भाग बी और भाग सी में आवंटन की सूचना दी है।
-
भाग A (100% महिला-विशिष्ट योजनाएँ) में 9 मंत्रालयों/विभागों और 1 केंद्रशासित प्रदेश द्वारा 1,07,688.42 करोड़ रुपये (कुल जेंडर बजट का 21.50%) आवंटित किए गए।
-
भाग B (30–99% महिला आवंटन) में 28 मंत्रालयों/विभागों और 1 केंद्रशासित प्रदेश द्वारा 3,63,412.37 करोड़ रुपये (72.54%) आवंटित किए गए।
-
भाग C (30% से कम महिला आवंटन) में 37 मंत्रालयों/विभागों और 5 केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा 29,777.94 करोड़ रुपये (5.95%) आवंटित किए गए।
शीर्ष 11 मंत्रालय/विभाग जिन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जेंडर बजट में अपने आवंटन का 30% से अधिक रिपोर्ट किया है, वे हैं महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (81.73%), ग्रामीण विकास विभाग (69.92%), उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (48.60%), पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (48.04%), खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (46.34%), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (40.44%), नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (39.05%), उच्च शिक्षा विभाग ((32.25%), पंचायती राज मंत्रालय (30.93%), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (30.22%) और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (30.10%)।
-(PIB)


