केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण आज 4 मार्च को नई दिल्ली में एक दिवसीय जीएसटी प्रवर्तन प्रमुखों के सम्मेलन का उद्घाटन करेंगी। इस सम्मेलन में कर चोरी रोकने के उपायों पर चर्चा होगी।
कर चोरी रोकने के उपायों पर होगी चर्चा
वित्त मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में बताया कि इस सम्मेलन में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी शामिल होंगे। सम्मेलन में सभी राज्य और केंद्रीय माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के प्रवर्तक प्रमुखों के साथ कर चोरी रोकने के उपायों पर चर्चा होगी।
इन विषयों पर भी होगा विचार-विमर्श
इसके अलावा नकली चालान प्रक्रिया से निपटना, सर्वोत्तम अभ्यास साझा करना एवं तालमेल को बढ़ावा देना, प्रौद्योगिकी और डेटा का लाभ उठाना तथा व्यवसाय करने में आसानी को संतुलित करना जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
जीएसटी चोरी का सामना: वर्तमान चुनौतियों की जांच करना और राज्य और केंद्रीय प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा अपनाई गई सफल कार्यप्रणाली पर गहन रूप से विचार करना।
नकली चालान का सामना करना: जीएसटी चोरी के इस प्राथमिक रूप को संबोधित करना और सहयोगात्मक रूप से इसका सामना करने के लिए प्रभावशाली प्रणाली की रणनीति बनाना।
सर्वोत्तम अभ्यासों को साझा करना: राज्य और केंद्रीय प्रवर्तन प्रमुखों द्वारा कार्य प्रस्तुतियों के माध्यम से ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना, कर चोरी से निपटने के लिए उनकी सबसे सफल रणनीतियों और नवीन दृष्टिकोणों को प्रदर्शित करना।
तालमेल को बढ़ावा देना: एक एकीकृत और व्यापक दृष्टिकोण सुनिश्चित करते हुए, राज्य और केंद्रीय प्रवर्तन अधिकारियों के बीच गहन सहयोग का निर्माण करना और अधिक तालमेल को बढ़ावा देना।
प्रौद्योगिकी और डेटा का लाभ उठाना: प्रवर्तन प्रयासों की सटीकता और दक्षता बढ़ाने के लिए उन्नत तकनीकी उपकरणों और डेटा विश्लेषण की क्षमताओं को उभारना।
व्यवसाय करने में आसानी का संतुलन करना: एक सुचारू व्यापारिक परिवेश को सुविधाजनक बनाने और प्रभावी, निवारक प्रवर्तन नियमों को लागू करने के बीच एक महत्वपूर्ण संतुलन बनाना।


