भारत में जीएसटी 2.0 22 सितम्बर को लागू होने के बाद दुकानदारों, ऑटो डीलर्स और आम जनता से शानदार प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इस सुधार के पहले दिन ही बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इनमें रोजमर्रा की वस्तुओं से लेकर गाड़ियों तक की कीमतों में कटौती की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे आम जनता को समर्पित एक सुधार और त्योहारी तोहफे के रूप में बताया।
ऑटोमोबाइल सेक्टर ने जीएसटी 2.0 के पहले दिन ऐतिहासिक बिक्री दर्ज की। नई व्यवस्था के तहत छोटी सब-4 मीटर कारों को 18 प्रतिशत के स्लैब में रखा गया, जबकि कंपनसेशन सेस पूरी तरह हटा दिया गया। मारुति सुजुकी ने 80,000 इंक्वायरी और 30,000 कारों की डिलीवरी दर्ज की, जो उसके पिछले 35 वर्षों में किसी एक दिन का सबसे बड़ा प्रदर्शन था। छोटी कारों की बुकिंग सामान्य त्योहारी सीजन की तुलना में 50 प्रतिशत बढ़ी। हुंडई ने 11,000 डीलर बिलिंग दर्ज की, जो पिछले पांच वर्षों में उसका सर्वश्रेष्ठ दिन रहा। टाटा मोटर्स ने नवरात्रि के पहले दिन 10,000 कारों की डिलीवरी और 25,000 से ज्यादा इंक्वायरी दर्ज की, जिससे त्योहारी सीजन की शानदार शुरुआत हुई।
ऑनलाइन बाजारों में भी उत्साह देखने को मिला। फ्लिपकार्ट और अमेजन ने लॉयल्टी प्रोग्राम यूजर्स के लिए त्योहारी सेल शुरू की, जिसमें विक्रेताओं ने जीएसटी कटौती के प्रभाव से अच्छी बिक्री दर्ज की। फैशन ब्रांड “द पैंट प्रोजेक्ट” की बिक्री में पिछले साल की तुलना में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि हुई। शैडो ईटेल ने घरेलू जरूरी सामान की बिक्री में पिछले सप्ताह की तुलना में 151 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। स्निच जैसे ब्रांडों ने ऑनलाइन ऑर्डर में 40 प्रतिशत की वृद्धि देखी।
इलेक्ट्रॉनिक्स में भी जीएसटी 2.0 का प्रभाव स्पष्ट दिखा। स्प्लिट एसी की कीमतों में 3,000-5,000 रुपये की कमी आई, जबकि महंगे टीवी की कीमतों में 85,000 रुपये तक की कटौती हुई। हायर जैसी कंपनियों ने आम सोमवार की तुलना में दोगुनी बिक्री दर्ज की, और कई प्री-बुकिंग भी हुई। ब्लू स्टार ने बताया कि पहले दिन की बिक्री पिछले साल के इसी दिन की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक रही। खासकर 43-इंच और 55-इंच टीवी की बिक्री में वृद्धि हुई, और सुपर प्लास्ट्रोनिक्स ने फ्लिपकार्ट के माध्यम से 30-35 प्रतिशत अधिक बिक्री दर्ज की।
जीएसटी 2.0 ने तुरंत राहत दी और पहले दिन ही उपभोक्ताओं में उत्साह पैदा किया। यह घरेलू खर्चों को कम करने के साथ-साथ सभी उद्योगों में मांग को बढ़ाने और त्योहारी मौसम में रिकॉर्ड बिक्री के साथ रौनक बढ़ाने में सफल रहा। कारों, इलेक्ट्रॉनिक्स, किराने और फैशन सभी क्षेत्रों में खरीदारी बढ़ी। यह कर सुधार सिर्फ नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए एक बचत और त्योहारी तोहफा साबित हुआ।-(IANS)


