केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज सोमवार को कहा कि नए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों के लागू होने से न केवल उपभोक्ताओं को तुरंत राहत मिलेगी, बल्कि भारत की जीडीपी में 0.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी होगी। उन्होंने कहा कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितताओं का सामना कर रही है और इससे भारत की आर्थिक गति और मजबूत होगी।
केंद्रीय मंत्री ने समाचार एजेंसी एएनआई से बताया “नवरात्रि के साथ ही बजट उत्सव की शुरुआत हो गई है। हर जगह खुशी और जश्न का माहौल है। जीएसटी दरों में कमी की गई है, जिसका लाभ समाज के सभी वर्गों को मिलेगा। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि इन सुधारों से जीडीपी में 0.8 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। आत्मनिर्भर भारत के रास्ते से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा और इन सुधारों का सभी वर्गों ने स्वागत किया है।”
उन्होंने बताया कि खासकर निचले मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सबसे ज्यादा फायदा होगा क्योंकि कई उपभोग वस्तुओं पर जीएसटी दरें कम कर दी गई हैं और कुछ मामलों में पूरी तरह हटा दी गई हैं। पुरी ने भारत की आर्थिक प्रगति पर भी प्रकाश डाला और कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2014 में 2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर आज 4.3 ट्रिलियन डॉलर हो चुकी है और आने वाले वर्षों में इसे 10 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है।
पुरी ने कहा, “ये कदम ऐसे समय पर उठाए गए हैं जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितताओं का सामना कर रही है। हमारा उद्देश्य भारत की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत और लचीला बनाना है।” इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्र को संबोधित करते हुए जीएसटी सुधारों को सरकार के व्यापक सुधार एजेंडे का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है और इन बदलावों को देश की मौजूदा जरूरतों और भविष्य के सपनों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है।
पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि पिछले 11 वर्षों में 25 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर आए हैं और इससे एक नई “नियो-मिडिल क्लास” का निर्माण हुआ है। उन्होंने सुधारों को जीएसटी बचत उत्सव (GST Bachat Utsav) की शुरुआत बताया और कहा कि यह लोगों की बचत बढ़ाएगा और उन्हें अपनी पसंद का सामान खरीदना आसान बनाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “इस बचत उत्सव का लाभ गरीबों, मध्यम वर्ग, नियो-मिडिल क्लास, युवाओं, किसानों, महिलाओं, दुकानदारों, व्यापारियों और उद्यमियों तक पहुंचेगा। इस त्योहार के मौसम में हर घर की खुशियां और मिठास बढ़ेगी।” उन्होंने आगे कहा कि ये बदलाव अनुपालन को सरल बनाएंगे, विनिर्माण को बढ़ावा देंगे, उपभोक्ता कीमतों को कम करेंगे और निवेश को और आकर्षक बनाएंगे। गौरतलब है कि ये सुधार 56वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में मंजूर किए गए थे। इससे कृषि, ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी, कर आधार का विस्तार होगा और एमएसएमई की स्थिति भी मजबूत होगी।-(ANI)


