स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों की पावन भूमि है गुजरात विद्यापीठ : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बीते शनिवार को अहमदाबाद स्थित गुजरात विद्यापीठ के 71वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुजरात विद्यापीठ हमारे स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों की पावन भूमि है, जहां महात्मा गांधी के विचार और सिद्धांत आज भी जीवंत हैं। उन्होंने कहा कि यह विद्यापीठ राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भरता का ऐतिहासिक प्रतीक है, जिसने देश की स्वतंत्रता और स्वदेशी भावना को मजबूत किया।

राष्ट्रपति मुर्मु ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गुजरात विद्यापीठ केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि यह बापू के आदर्शों की प्रयोगशाला है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे गांधीजी की उस अपेक्षा को याद रखें जिसमें उन्होंने युवाओं से राष्ट्रीय पहलों और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी की आशा की थी। उन्होंने विद्यार्थियों को भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेने और राष्ट्रीय विकास में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि गुजरात में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की संस्कृति लंबे समय से रही है। उन्होंने इस परंपरा को पूरे देश में फैलाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि गुजरात विद्यापीठ के छात्र आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रदूत की भूमिका निभाएंगे। भारत को आत्मनिर्भर बनाना हमारी राष्ट्रीय प्राथमिकता है और इस दिशा में हर छात्र को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक पुनर्निर्माण का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों से कहा कि वे शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करें। राष्ट्रपति ने चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों को शिक्षा का अभिन्न अंग बताया और कहा कि विद्यार्थी अपनी शिक्षा को स्थानीय संदर्भों से जोड़कर व्यावहारिक जीवन में उसका उपयोग करें।

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने तीन दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान द्वारका में प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन और आरती की। दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों में उत्साह का माहौल देखा गया। छात्रा सरोज गोदानिया ने कहा, “मैं पोरबंदर से हूं और मेरे परिवार के लिए यह गर्व का क्षण है कि राष्ट्रपति के हाथों से मुझे उपाधि मिली।” एक अन्य छात्र ने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा स्वर्ण पदक प्राप्त करना उसके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

समारोह के समापन के बाद राष्ट्रपति मुर्मु को राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद हवाई अड्डे पर विदाई दी। इस अवसर पर प्रोटोकॉल मंत्री जगदीश विश्वकर्मा, अहमदाबाद की महापौर प्रतिभाबेन जैन, राज्य के मुख्य सचिव पंकज जोशी, पुलिस महानिदेशक विकास सहाय, एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी, मेजर जनरल गौरव बग्गा, पुलिस आयुक्त जीएस मलिक, अहमदाबाद कलेक्टर सुजीत कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। -(IANS)

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