गुजरात ने इस वर्ष आयोजित ‘पोषण पखवाड़ा’ अभियान में देशभर में चौथा स्थान हासिल किया है। राज्य में 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक चले इस अभियान के दौरान 73 लाख से अधिक गतिविधियां आयोजित की गईं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देशभर में हुई कुल गतिविधियों में गुजरात की हिस्सेदारी 10.77 प्रतिशत रही, जिससे यह राष्ट्रीय पोषण मिशन के बेहतर क्रियान्वयन वाले राज्यों में शामिल हो गया।
यह अभियान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. मनीषा वकील की देखरेख में चलाया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने अकेले 33.91 लाख गतिविधियां संचालित कीं, जो राज्य की कुल गतिविधियों का लगभग 46 प्रतिशत हिस्सा है। इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा और पंचायत सहित 18 से अधिक विभागों ने भी अभियान में भाग लिया।
इस वर्ष ‘पोषण पखवाड़ा’ का मुख्य विषय जीवन के पहले छह वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना था। अभियान में गर्भवती महिलाओं के पोषण, स्तनपान को बढ़ावा देने और बच्चों के सही आहार पर विशेष जोर दिया गया।
इसके साथ ही बच्चों के मानसिक विकास, खेल आधारित शिक्षा और आंगनवाड़ी केंद्रों में सीखने की गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया गया। बच्चों में बढ़ते स्क्रीन समय को कम करने और सक्रिय दिनचर्या अपनाने पर भी जागरूकता फैलाई गई।
अभियान के दौरान ग्राम पंचायतों में पोषण पंचायत, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर प्रतियोगिता और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, ताकि लोगों तक पोषण और बाल देखभाल से जुड़ी जानकारी पहुंचाई जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान की सफलता में विभिन्न विभागों के समन्वय और लोगों की भागीदारी की बड़ी भूमिका रही।
-(इनपुटःएजेंसी)


