दक्षिण कोरिया की अग्रणी शिपबिल्डिंग कंपनी एचडी हुंडई के चेयरमैन चुंग की-सन ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हार्ददीप सिंह पुरी से मुलाकात की। दोनों के बीच भारत और दक्षिण कोरिया के बीच शिपबिल्डिंग और समुद्री उद्योग में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
कंपनी ने एक बयान में बताया कि यह बैठक सियोल में आयोजित हुई, जिसमें भारत की जहाज निर्माण क्षमता को सशक्त बनाने और संबंधित तकनीकों के विकास को लेकर साझेदारी के अवसरों पर विचार किया गया।
पुरी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ‘मैरिटाइम अमृत काल विज़न 2047’ परियोजना के तहत दक्षिण कोरिया का दौरा किया। इस पहल का उद्देश्य भारत को दुनिया के शीर्ष पाँच शिपबिल्डिंग देशों में शामिल करना है। योजना के तहत भारत सरकार 24 अरब डॉलर का निवेश करेगी, जिसमें से 8 अरब डॉलर की प्रारंभिक राशि अक्टूबर में स्वीकृत की जा चुकी है।
एचडी हुंडई के चेयरमैन चुंग की-सन ने कहा, “भारत के शिपबिल्डिंग उद्योग को आगे बढ़ाने में एचडी हुंडई सबसे भरोसेमंद साझेदार बनेगा।”
मंत्री पुरी ने भी आशा व्यक्त की कि भारत सरकार और एचडी हुंडई के बीच नियमित संवाद और सहयोग से शिपबिल्डिंग और समुद्री क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति होगी।
उल्लेखनीय है कि जुलाई में एचडी हुंडई ने भारत की कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के साथ एक साझेदारी समझौता किया था, जो किसी दक्षिण कोरियाई शिपबिल्डर और भारतीय कंपनी के बीच पहला करार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा था कि भारत का समुद्री क्षेत्र देश की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख चालक बन रहा है। उन्होंने निवेशकों से अपील की कि यह भारत के शिपिंग सेक्टर में निवेश का सबसे उपयुक्त समय है।
उन्होंने बताया कि भारत का पहला डीप-वॉटर अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट हब विझिंजम पोर्ट चालू हो गया है, जबकि कांडला पोर्ट ने देश की पहली ग्रीन हाइड्रोजन सुविधा शुरू कर इतिहास रचा है।
‘मैरिटाइम इंडिया विज़न’ के तहत अब तक 150 से अधिक पहलें लागू की जा चुकी हैं, जिनसे समुद्री क्षेत्र में व्यापक सुधार देखने को मिले हैं।
-(इनपुटःएजेंसी)


