राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के लिए 33 हाईटेक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में 3 अत्याधुनिक ग्रीन हाइड्रोजन ईंधन वाली बसों का भी फ्लैग ऑफ किया गया।
मुख्य बातें:
– 33 इलेक्ट्रिक बसें: नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 11-11-11 बसों का संचालन शुरू।
– बसें बोटैनिकल गार्डन से शुरू होकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सेक्टर-62, कौशांबी बस डिपो, ग्रेटर नोएडा वेस्ट सहित प्रमुख इलाकों को जोड़ेंगी।
– लाखों स्थानीय यात्रियों को तेज, सस्ता और सुविधाजनक परिवहन मिल सकेगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम:
प्रत्येक बस में लगाए गए हैं:
– अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे (ड्राइवर से मॉनिटरिंग)
– एंट्री-एग्जिट पॉइंट पर कैमरे
– पैनिक बटन, SOS अलर्ट सिस्टम
– इमरजेंसी गेट
ग्रीन हाइड्रोजन बसें – पर्यावरण का तोहफा:
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में शुरू की गई 3 हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसें NTPC दादरी द्वारा बनाई गई हैं। इन बसों के बारे में खास:
– उत्सर्जन के रूप में केवल पानी निकलता है (शून्य प्रदूषण)
– प्रतिदिन लगभग 2080 किलो ऑक्सीजन उत्पादन (1750 पेड़ों के बराबर)
– सालाना 1000 टन CO₂ उत्सर्जन में कमी
– एक बार फ्यूलिंग पर 750 किलोमीटर तक रेंज
– 42 यात्रियों की क्षमता वाली 12 मीटर लंबी बसें
यह परियोजना देश का सबसे बड़ा ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूलिंग स्टेशन भी माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि सरकार एनसीआर को प्रदूषण मुक्त और विश्व स्तरीय परिवहन व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल न सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देगी।
ऐसे में नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लिए यह दिन ऐतिहासिक साबित हो रहा है, क्योंकि अब इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन जैसी आधुनिक तकनीक आम जनता की सेवा में आ गई है। (इनपुट-एजेंसी)


