केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुरुवार को भारत की सीमा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए सभी सीमा रक्षक बलों के महानिदेशकों के साथ अहम बैठक की। यह बैठक ऐसे समय पर हुई जब पाकिस्तान ने भारत के जम्मू क्षेत्र और राजस्थान के सतवारी, सांबा, आरएस पुरा, अर्निया और जैसलमेर को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। हालांकि, भारतीय वायु रक्षा इकाइयों ने सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया और किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
गृह मंत्री शाह ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक के साथ विशेष बातचीत में भारत-पाकिस्तान की 3,323 किमी लंबी सीमा पर मौजूदा स्थिति और सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। गृहमंत्री को जमीनी स्तर पर तैनाती, निगरानी तकनीक के उपयोग और हाल के घुसपैठ के प्रयासों की जानकारी दी गई। शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को उच्च स्तरीय सतर्कता बनाए रखने और आपसी समन्वय को मजबूत करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा, शाह ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के महानिदेशक के साथ देशभर के हवाईअड्डों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। यह समीक्षा ऐसे समय पर की गई जब देश के प्रमुख ढांचागत स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पाकिस्तान के हमले के बाद जम्मू और जैसलमेर में कई धमाकों की खबर आई, जिसके चलते हवाई हमले के सायरन बजाए गए और सीमावर्ती इलाकों में नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
यह हमला भारत द्वारा 7 मई को चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” के जवाब में आया। इस ऑपरेशन में भारतीय बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के 9 ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। भारत ने दावा किया कि इन हमलों में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार थे, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी।


