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आईएमडी की नई पहल: अनौपचारिक श्रमिकों को अब मिलेगी समय पर मौसम की जानकारी 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मौसम की जानकारी सीधे वर्कर्स तक पहुंचाने के लिए अनौपचारिक श्रमिक संघों के साथ साझेदारी की। ग्रीनपीस इंडिया की क्लाइमेट और एनर्जी कैपेनर अमृता की ओर से जानकारी दी गई। बातचीत करते हुए अमृता ने कहा कि आज हमने भारत और पूरे विश्व में क्लाइमेट कम्यूनिकेशन में एक बड़ी सफलता हासिल की है। आईएमडी ने अनौपचारिक श्रमिक संघों के साथ साझेदारी की, जिससे आसानी से वर्कर्स को क्लाइमेट की जानकारी दी जा सके।

आईएमडी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ जलवायु मौसम डेटा प्रसारण एजेंसियों में से एक है

अमृता ने कहा, “आईएमडी एक कदम और आगे जा रहा है और अनौपचारिक श्रमिक संघों के साथ सहयोग करके काफी फ्यूचरिस्टिक बन रहा है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मोबाइल फोन, व्हाट्सएप ग्रुप आदि के माध्यम से सूचना के प्रसारण में जो भी छूट गया है, हम उन तक सीधे पहुंच सके।” उन्होंने आगे कहा कि हम सभी जानते हैं कि आईएमडी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ जलवायु मौसम डेटा प्रसारण एजेंसियों में से एक है।

कार्यशाला आयोजन करने का मुख्‍य उद्देश्य है विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके कैसे हम हीटवेव जैसी आपदाओं से सुरक्षित रह सकते हैं

आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि आईएमडी, ग्रीनपीस और सभी श्रमिक संघ, स्ट्रीट वेंडर्स संघ, धर्मार्थ संघ और रिक्शा चालक संघ के साथ की एक कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके कैसे हीटवेव जैसी आपदाओं से सुरक्षित रह सकते हैं। पहला कदम हीटवेव के बारे में लोगों तक जानकारी पहुंचाना है। यही हम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस कार्यशाला में हमने अब तक जो नीतियां बनाई हैं। उनके बारे में चर्चा की है। साथ ही, उनमें हम क्या सुधार कर सकते हैं और लोगों को गर्मी के प्रति कैसे जागरूक कर सकते हैं। इस पर बातचीत की गई है।(इनपुट-आईएएनएस)