असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन जल राहत’ के तहत बचाव अभियान तेज कर दिया है। अब तक सेना ने 200 से अधिक फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला है।
रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (PRO), तेजपुर के अनुसार, नागरिक प्रशासन के अनुरोध पर 20 जुलाई को स्पीयर कॉर्प्स के तहत रेड शील्ड डिवीजन की चार राहत टुकड़ियों को शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में तैनात किया गया है।
सेना की टीमें नाज़िरा और अमगुड़ी (शिवसागर), सोनारी (चराइदेव) और जोरहाट में राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। जवान बचाव नौकाओं, चिकित्सा दल, इंजीनियरिंग संसाधनों और राहत सामग्री के साथ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। सेना ने बाढ़ग्रस्त इलाकों से परिवारों सहित कई लोगों को सुरक्षित निकाला है और प्रभावितों को चिकित्सा सहायता व राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ की स्थिति का आकलन करने और राहत कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन से हवाई निगरानी भी की जा रही है। वहीं, सेना की इंजीनियरिंग टीम क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे वाले क्षेत्रों में संपर्क बहाल करने में जुटी है।
सेना यह अभियान जिला प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और अन्य नागरिक एजेंसियों के साथ मिलकर चला रही है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों को भी तैयार रखा गया है।
इस बीच, लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी कई सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, चराइदेव जिले की देसांग नदी पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर चुकी है, जबकि दिखौ, बुरीदिहिंग, ब्रह्मपुत्र और धनसिरी (दक्षिण) नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
मौजूदा बाढ़ से 30 राजस्व सर्किलों के 580 गांव प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में NDRF और SDRF की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
(इनपुट- एएनआई)


