संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आज सोमवार को लोकसभा में इनकम टैक्स बिल, 2025 पर सिलेक्ट कमेटी ने रिपोर्ट पेश की। यह रिपोर्ट बीजेपी सांसद और कमेटी अध्यक्ष बैजयंत पांडा ने सदन में रखी। इससे पहले यह बिल फरवरी में भी पेश हुआ था, जिसे विस्तार से जांच के लिए सिलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया। इनकम टैक्स बिल, 2025 का मकसद 1961 के मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट की भाषा और संरचना को आसान और स्पष्ट बनाना है, ताकि आम करदाता और व्यवसायों के लिए टैक्स सिस्टम को समझना आसान हो सके।
पांडा ने बताया कि इस नए बिल को तैयार करते समय तीन मूल सिद्धांतों का पालन किया गया- भाषा और संरचना में सरलता, टैक्स नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं, और टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं। वहीं कमेटी ने बिल को आसान बनाने के लिए तीन स्तरीय रणनीति अपनाई। इसमें जटिल और कठिन भाषा को हटाकर उसे सरल बनाया गया, बार-बार दोहराए जाने वाले प्रावधानों को हटाया गया और टैक्स कानून की धाराओं को एक क्रमबद्ध ढांचे में व्यवस्थित किया गया ताकि लोगों के लिए उसे समझना और ढूंढना आसान हो सके।
इसके अलावा, कमेटी ने इस प्रक्रिया में विभिन्न हितधारकों को भी शामिल किया। इसमें करदाता, व्यवसाय, उद्योग संगठन और पेशेवर संस्थाओं से सुझाव मांगे गए। कुल 20,976 ऑनलाइन सुझावों में से जरूरी और उपयुक्त सुझावों को बिल में शामिल किया गया। इसके साथ ही टैक्स पेशेवरों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ चर्चा की गई और ऑस्ट्रेलिया तथा यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों के टैक्स सिस्टम के सरल मॉडल का भी अध्ययन किया गया।
बैजयंत पांडा ने बताया कि इनकम टैक्स बिल, 2025 सरकार की “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बिल देश में एक सरल, स्पष्ट और सुगम टैक्स ढांचा लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।-(ANI)


